फार्महाउस की दो रातें 1
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Girl friend को बुलाया फार्म हाऊस पर
मैंने फोन उठाया और उसका नंबर डायल किया। रात के लगभग साढ़े ग्यारह बज रहे थे। फार्महाउस की याद आ रही थी। पिछले दो हफ्तों से हम दोनों का मूड एक जैसा चल रहा था – थोड़ा रोमांटिक, थोड़ा भूखा।
तीसरी रिंग पर उसने उठाया।
“हेलो…” उसकी आवाज़ में नींद और मुस्कान दोनों मिले हुए थे।
“सो गई थी क्या?” मैंने धीरे से पूछा।
“नहीं… लेटी हुई थी। तुम्हारा इंतज़ार था।”
मैं मुस्कुरा दिया। “इंतज़ार का इनाम देना पड़ेगा अब।”
उसने हल्की सी हँसी दी। “बोलो, क्या प्लान है?”
मैंने सीधे बात रखी। “इस वीकेंड फार्महाउस चलें? सिर्फ हम दोनों। कोई नहीं। पूरा प्राइवेट।”
थोड़ी चुप्पी रही। फिर उसकी आवाज़ आई, “सच में? कब?”
“शुक्रवार शाम से रविवार तक। मैं सारा इंतजाम कर लेता हूँ। तुम्हें सिर्फ आना है।”
“कुक रहेगा क्या?” उसने पूछा।
“हाँ, एक कुक रहेगा। लेकिन वो किचन और सर्विस तक सीमित रहेगा। बाकी पूरा घर हमारा।”
“ठीक है…” उसने धीरे से कहा। “मैं आऊँगी।”
उसके बाद हम लगभग एक घंटे बात करते रहे। पुरानी यादें, आने वाले दो दिन के ख्याल, हल्की-फुल्की गंदी बातें। आखिर में उसने कहा, “शॉपिंग कर लेना जो-जो चाहिए… खासकर वो वाली चीज़ें।”
मैं समझ गया। कंडोम, लुब्रिकेंट और बाकी सामान।
अगले दिन सुबह मैं निकला।
पहले मैंने एक अच्छे मॉल में कपड़ों की दुकान पर चक्कर लगाया। उसके लिए दो आरामदायक नाइटीज़, एक सिल्क का गाउन, और कुछ सेक्सी इनरवेयर लिए। खुद के लिए भी आरामदायक ट्रैक पैंट और टी-शर्ट्स। फिर मेडिकल स्टोर गया। तीन अलग-अलग ब्रांड के कंडोम लिए – रिब्ड, डॉटेड और एक्स्ट्रा लार्ज। दो ट्यूब लुब्रिकेंट लीं। एक वॉटर बेस्ड, एक सिलिकॉन बेस्ड। साथ में मसाज ऑयल भी रख लिया।
किराने की दुकान से स्नैक्स, चॉकलेट्स, वाइन की दो बोतलें, एनर्जी ड्रिंक्स और फ्रूट्स लिए। फार्महाउस के किचन में पहले से बहुत कुछ था, लेकिन मैंने ताज़ा सामान भर दिया।
दोपहर तक मैं फार्महाउस पहुँच गया।
घर को पूरी तरह चेक किया। बेडरूम में साफ चादरें डालीं, तकिए फ्लफ़ किए। जकूज़ी को साफ करवाया। स्विमिंग पूल का पानी क्रिस्टल क्लियर था। गार्डन में कुर्सियाँ ठीक जगह पर लगाईं। लिविंग रूम में बड़े टीवी को चेक किया, नेटफ्लिक्स और अन्य ऐप्स लॉगिन किए। एसी फुल पावर पर सेट कर दिया ताकि कमरा ठंडा रहे।
कुक से बात की। “वीकेंड में सिर्फ खाना तैयार रखना। बाकी समय किचन में रहना या अपने कमरे में। हमें परेशान नहीं करना।” उसने सिर हिला दिया।
शाम को पाँच बजे मैंने उसे मैसेज किया – “निकल गई?”
“हाँ, रास्ते में हूँ। एक घंटे में पहुँच जाऊँगी।”
मैं गेट पर खड़ा होकर इंतज़ार करने लगा।
जब उसकी कार अंदर आई, तो मेरा दिल थोड़ा तेज़ धड़का। उसने ड्रेस पहनी हुई थी – हल्की जींस और व्हाइट टॉप। बाल खुले थे, चेहरे पर हल्की मुस्कान।
मैंने दरवाज़ा खोला। वो उतरते ही मेरे पास आई और हल्के से गले लग गई।
“Hello…” उसने धीमी आवाज़ में कहा।
“Hello…” मैंने जवाब दिया और उसे और पास खींच लिया। “आखिरकार आ ही गई।”
उसने सिर मेरे सीने पर रखा। “बहुत दिन बाद अकेले…”
मैंने उसका हाथ पकड़ा और अंदर ले आया। दरवाज़ा बंद कर दिया। कुक को किचन में देखा, उसने सिर झुका लिया और अंदर चला गया।
मैं उसे सीधे लिविंग रूम में ले गया। बड़ा सोफा, डिम लाइट्स, फुल एसी और टीवी ऑन था। मैंने नेटफ्लिक्स खोला और Sex Education की एक एपिसोड लगा दी।
“ये देखें थोड़ी देर?” मैंने पूछा।
वो सोफे पर बैठ गई। “ठीक है… थोड़ा रोमांटिक मूड तो बन ही जाएगा।”
मैं उसके बगल में बैठ गया। थोड़ी दूरी छोड़कर। टीवी पर सीरीज़ चलने लगी। कमरे में ठंडी हवा चल रही थी। वो धीरे-धीरे मेरे करीब खिसक आई। उसका कंधा मेरे कंधे से छू रहा था।
मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया। उसने भी उंगलियाँ मिला लीं।
टीवी पर सीन चल रहा था – दो किरदार बातें कर रहे थे सेक्स के बारे में, थोड़ा हँसते हुए, थोड़ा गंभीर। हम दोनों चुपचाप देख रहे थे, लेकिन हवा में कुछ और चल रहा था।
मैंने धीरे से उसका गाल छुआ। उसने मेरी तरफ देखा। आँखों में वो वाली चमक थी।
“पास आ जा…” मैंने फुसफुसाया।
वो और करीब आ गई। अब उसका पूरा शरीर मेरे साथ सटा हुआ था। मैंने उसका चेहरा दोनों हाथों में लिया और धीरे से होंठों पर किस किया। पहले हल्का, फिर गहरा। उसकी साँस तेज़ हो गई।
टीवी चलता रहा। हम दोनों किस में खो गए। मेरा हाथ उसकी कमर पर था, फिर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगा। उसने कोई मना नहीं किया। बल्कि और पास चिपक गई।
थोड़ी देर बाद मैंने उसके कान में कहा, “आज रात सिर्फ हम दोनों हैं… पूरा फार्महाउस हमारा है।”
उसने आँखें बंद करके सिर हिलाया। “हाँ…”
मैंने रिमोट से टीवी की आवाज़ कम कर दी। कमरे में अब सिर्फ हमारी साँसें और हल्की सी सीरीज़ की आवाज़ बची थी। एसी की ठंडी हवा शरीर पर लग रही थी। मैंने उसका टॉप थोड़ा ऊपर किया और कमर पर हाथ फेरने लगा।
वो मेरे ऊपर झुक गई। किस और गहरी होती गई। मेरा हाथ उसकी जींस की पेटी के पास पहुँच गया। उसने खुद ही अपना हाथ रखकर मेरा हाथ और नीचे धकेल दिया।
मैंने धीरे से जिप खोली। उसकी साँस रुक गई। मैंने उंगलियाँ अंदर डालीं – पहले पैंटी के ऊपर, फिर अंदर। वो पहले से गीली थी।
“इतनी जल्दी…” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।
“तुम्हारी वजह से…” उसने फुसफुसाया।
मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया। ऊपर से उसके शरीर पर झुक गया। टॉप पूरी तरह उतार दिया। ब्रा अभी भी थी। मैंने उसके स्तनों को ब्रा के ऊपर से सहलाया, फिर ब्रा के हुक खोोल दिए। उसके स्तन बाहर आ गए। मैंने एक को मुँह में ले लिया, दूसरे को हाथ से सहलाया। वो कराह उठी।
नीचे मेरा हाथ उसकी जींस के अंदर पूरी तरह चला गया था। मैंने पैंटी को साइड में किया और उंगलियाँ अंदर डाल दीं। वो और गीली हो चुकी थी। मैंने दो उंगलियाँ अंदर-बाहर करने शुरू कर दीं। उसका शरीर ऐंठने लगा।
“धीरे…” उसने कहा, लेकिन आवाज़ में मना नहीं था।
मैंने गति बढ़ा दी। उसके कूल्हे मेरे हाथ के साथ मूव करने लगे। टीवी पर अभी भी सीरीज़ चल रही थी, लेकिन हम दोनों को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था।
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी जींस और पैंटी दोनों खींचकर निकाल दीं। अब वो सिर्फ ब्रा खोले हुए नंगी लेटी थी सोफे पर। मैंने खुद के कपड़े भी तेज़ी से उतारे। कंडोम जेब से निकाला, पहना, और लुब्रिकेंट की ट्यूब से थोड़ा सा निकालकर उस पर और अपने पर लगा लिया।
मैं उसके ऊपर आ गया। उसने पैर फैला दिए। मैंने धीरे से एंट्री की। पहले थोड़ा टाइट लगा। उसने दाँत भींच लिए।
“दर्द हो रहा है?” मैंने पूछा।
“थोड़ा… लेकिन करते रहो…”
मैंने धीरे-धीरे पूरा अंदर तक Daphne। फिर रुक गया। उसे एडजस्ट करने का समय दिया। जब उसने सिर हिलाया, तब मैं मूव करने लगा। पहले धीरे, फिर तेज़। उसका शरीर मेरे साथ तालमेल बिठाने लगा। कराहें बढ़ने लगीं।
सोफे पर हम दोनों की साँसें मिल रही थीं। बाहर अँधेरा हो चुका था। फार्महाउस पूरी तरह शांत था। सिर्फ लिविंग रूम में हमारी आवाज़ें गूँज रही थीं।
मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख दीं और और गहराई तक जाने लगा। वो जोर-जोर से कराह रही थी। मैंने उसके स्तनों को मज़बूती से पकड़ रखा था।
लगभग बीस मिनट बाद हम दोनों लगभग एक साथ पहुँचे। मैं उसके अंदर ही रुक गया। वो मेरे नीचे काँप रही थी।
थोड़ी देर हम ऐसे ही पड़े रहे। फिर मैंने कंडोम हटाया और उसके बगल में लेट गया। उसने मेरा सिर अपने सीने पर रख लिया।
“ये तो सिर्फ शुरुआत है…” मैंने कहा।
उसने मुस्कुराते हुए मेरे बालों में उंगलियाँ फेरीं। “पूरे दो दिन हैं… जितना मन करे।”
टीवी अभी भी चल रहा था। Sex Education की एपिसोड खत्म होने वाली थी। मैंने रिमोट उठाकर अगली एपिसोड लगा दी। लेकिन हम दोनों अब टीवी नहीं देख रहे थे। हम एक-दूसरे को देख रहे थे।
बाहर कुक किचन में था। घर के बाकी हिस्से शांत थे। सिर्फ हम दोनों लिविंग रूम के सोफे पर नंगे लेटे थे, ठंडी हवा में, एक-दूसरे के शरीर को सहलाते हुए।
रात अभी बाकी थी। और बहुत कुछ बाकी था।
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