LoveStoryHub – हिंदी सेक्स कहानियाँ
होम All Categories
फैमिली सेक्स

30 साल का जश्न – माँ-बाप की रात

· Online Admin


30 साल का जश्न – माँ-बाप की रात

मेरे मम्मी-पापा की शादी को 30 साल हो गए थे। 30वीं एनिवर्सरी। और अजीब संयोग से, मेरी और मेरी पत्नी प्रिया की शादी को भी उसी दिन 5 साल पूरे हो रहे थे। हमने सोचा क्यों न एक साथ सेलिब्रेट करें?

मैंने एक आलीशान विला बुक किया शहर से दूर। दो बेडरूम थे – एक मम्मी-पापा के लिए, एक हमारे लिए। लेकिन मेरे मन में एक शैतानी प्लान था। मैं जानना चाहता था कि मेरे 55 साल के पापा और 52 साल की मम्मी अभी भी कैसे सेक्स करते हैं। क्या पापा का लंड अभी भी उतना ही तगड़ा है जितना मम्मी बताती थीं?

मैंने पापा-मम्मी के बेडरूम में एक छिपा हुआ CCTV कैमरा लगा दिया। उसे मैंने अपने बेडरूम की टीवी से कनेक्ट कर दिया। रात को जब सब सो जाएंगे, मैं और मेरी पत्नी प्रिया यह सब देखेंगे।

रात के 11 बजे। मम्मी-पापा अपने कमरे में गए। हम भी अपने कमरे में आ गए। मैंने टीवी ऑन की।

पहले तो पापा सोफे पर बैठे थे। मम्मी बाथरूम से नहा कर आईं। मेरी सांसें रुक गईं। मम्मी ने लाल रंग की ट्रांसपेरेंट नाइटी पहनी थी। उनके बड़े-बड़े बूब्स पूरी तरह से दिख रहे थे। नीचे पैंटी भी नहीं पहनी थी। उनकी मोटी गांड हिलती हुई आई।

“क्या बात है रानी… आज तो कमाल लग रही हो,” पापा ने कहा।

मम्मी शर्माते हुए बोलीं, “30 साल हो गए… आज रात तुम मुझे वैसे ही चोदोगे जैसे शादी की पहली रात चोदा था?”

पापा ने अपनी पैंट उतारी। मेरे होश उड़ गए। पापा का लंड… वो तो एक monster था। कम से कम 12 इंच लंबा और मोटाई में मेरी कलाई जितना। काला, नसों से लहराता हुआ, और अभी से ही कड़ा होकर खड़ा था।

“देखा… आज भी तुम्हारे लिए तैयार है,” पापा ने अपने लंड को हिलाते हुए कहा।

मम्मी की आंखें चौड़ी हो गईं। “ओह माई गॉड… अभी भी इतना बड़ा… मेरी तो फट जाएगी,” मम्मी ने कहा।

“आज तो मैं तुम्हें पूरी तरह से नोचूंगा… 30 साल का बदला एक साथ,” पापा ने मम्मी को पकड़ा और बिस्तर पर पटक दिया।

मम्मी के पैर फैलाए। पापा ने उनकी नाइटी फाड़ कर उतार दी। मम्मी पूरी नंगी हो गईं। उनके बड़े-बड़े बूब्स जो मैंने कभी नहीं देखे थे, अब मेरे सामने थे। भूरे निप्पल, मोटी जांघें, और उनकी चूत – घनी झाड़ वाली, गुलाबी, और गीली।

पापा ने अपना मुंह मम्मी की चूत में घुसा दिया। “आह्ह्ह… राम… ऐसे चाटो… हां… और अंदर जीभ डालो,” मम्मी चीख रही थीं।

10 मिनट तक चूत चाटने के बाद, पापा उठे। उन्होंने मम्मी को घोड़ी बनने के लिए कहा। मम्मी घुटनों के बल हो गईं। उनकी गांड हवा में थी – मोटी, गोल, और एकदम सफेद।

“आज तुम्हारी गांड मारूंगा,” पापा ने कहा।

“नहीं… वहां दर्द होगा… वो लंड बहुत बड़ा है,” मम्मी ने कहा।

“चुप… आज एनिवर्सरी है… मर्जी मेरी,” पापा ने जोर से मम्मी के बाल पकड़े और उनकी गांड पर थप्पड़ मारा।

पापा ने थूक से अपने लंड और मम्मी की गांड को गीला किया। फिर उन्होंने सुपाड़ा मम्मी की गांड के छेद पर रखा। एक जोरदार धक्का।

“उई माँ… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो… फट जाएगी,” मम्मी रोने लगीं।

“रो मत रांड… सहन कर,” पापा ने दूसरा धक्का मारा। आधा लंड अंदर घुस गया।

मम्मी की चीखें सुनकर मेरी पत्नी प्रिया मेरे पास आ गई। “ये क्या देख रहे हो?” उसने पूछा।

“मम्मी-पापा… देखो कैसे चोद रहे हैं,” मैंने कहा।

प्रिया भी देखने लगी। उसका हाथ मेरी पैंट में चला गया। मेरा लंड भी खड़ा हो गया।

स्क्रीन पर, पापा अब पूरा लंड मम्मी की गांड में डाल चुके थे। मम्मी का मुंह खुला हुआ था, आंसू निकल रहे थे, लेकिन वो कुछ नहीं बोल पा रही थीं।

“लो पूरी… 12 इंच अंदर… कैसा लगा मेरी रांड?” पापा ने पूछा।

“बहुत… बड़ा है… गांड फाड़ दी,” मम्मी हकलाते हुए बोलीं।

पापा ने धक्के शुरू किए। पच-पच-पच… की आवाजें आ रही थीं। मम्मी की गांड लाल हो गई थी। पापा उनके बूब्स पकड़कर खींच रहे थे।

“30 साल… 30 साल से यही चूत और गांड मैं चोद रहा हूं… और आज भी टाइट है,” पापा बोल रहे थे।

20 मिनट तक गांड मारने के बाद, पापा ने लंड बाहर निकाला। अब मम्मी को लिटाया और चूत में डालने लगे। मिशनरी पोजिशन में।

“और जोर से… चोदो मुझे… अपनी बीवी को… रांड बना दो,” मम्मी अब मजे ले रही थीं।

पापा ने मम्मी के पैर हवा में उठाए और जोर-जोर से पेलने लगे। बिस्तर की कट-कट आवाज पूरे घर में गूंज रही थी। मम्मी की चूत से पानी निकल रहा था जो बिस्तर पर गीला कर रहा था।

“मैं झड़ने वाला हूं… कहां चोड़ूं?” पापा ने पूछा।

“अंदर… अंदर ही चोदो… भर दो मेरी चूत को,” मम्मी चिल्लाईं।

पापा ने तीन-चार जोरदार धक्के मारे और मम्मी के अंदर ही झड़ गए। उनका लंड फड़क रहा था और गाढ़ा वीर्य मम्मी की चूत में भर रहा था। वो 30 सेकंड तक अंदर ही रहे।

जब बाहर निकाला तो वीर्य की धार बहती हुई निकली। मम्मी की चूत और गांड दोनों लाल और फैली हुई थीं।

लेकिन पापा का लंड अभी भी खड़ा था।

“एक राउंड और… आज पूरी रात चोदूंगा,” पापा ने कहा और फिर से मम्मी के ऊपर झुक गए।

मेरी पत्नी प्रिया अब पूरी तरह गर्म हो चुकी थी। “चलो हम भी शुरू करें… मुझे भी वैसे ही चोदो जैसे पापा ने मम्मी को चोदा,” उसने कहा।

मैंने उसे बिस्तर पर पटका और उसकी नाइटी फाड़ दी…

…प्रिया चीख पड़ी, “अरे धीरे… यह साड़ी नई थी!”

“चुप रहे रांड,” मैंने उसके बाल पकड़े और खींचा, “आज मैं भी पापा की तरह चोदूंगा… जोर-जोर से… बिना रहम के।”

मैंने उसकी नाइटी के फटे हुए टुकड़े उतार दिए। प्रिया ने गुलाबी ब्रा और पैंटी पहनी थी। मैंने ब्रा के हुक तोड़ दिए। उसके मीडियम साइज़ के गोल बूब्स बाहर आ गए। मैं पागलों की तरह उन्हें चूसने लगा, काटने लगा।

“दर्द हो रहा है… धीरे काटो,” प्रिया कराह रही थी।

मैंने उसकी पैंटी भी फाड़ कर निकाल दी। उसकी साफ-सुथरी चूट दिख रही थी। मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा। प्रिया ने मना किया, “पीछे से मत डालो… दर्द होगा।”

मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा। “मम्मी ने सहा तो तू भी सहेगी… आज तेरी भी गांड मारूंगा।”

मैंने थूक से अपने लंड और उसकी गांड को गीला किया। मेरा लंड 7 इंच का था, पापा के 12 इंच से कम लेकिन काफी मोटा। मैंने सुपाड़ा उसके गांड के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का दिया।

“उई माँ… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो… फट जाएगी,” प्रिया रोने लगी।

“रो मत… देख टीवी पर… मम्मी कैसे सह रही हैं,” मैंने कहा।

स्क्रीन पर पापा फिर से मम्मी को चोद रहे थे। इस बार वो उनके ऊपर लेटे हुए थे और मम्मी की चूत में अपना 12 इंच का मोटा लंड पेल रहे थे। मम्मी की टांगें हवा में थीं और वो चीख रही थीं, “और जोर से… फाड़ दो… आज पूरी रात चोदो मुझे!”

मैंने भी प्रिया की गांड में जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए। पच-पच की आवाजें हमारे कमरे में गूंज रही थीं। प्रिया का मुँह तकिये में दबा हुआ था और वो रो रही थी लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था।

“ले… ले मेरा लंड… कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।

“बहुत… बड़ा है… गांड फाड़ दी,” प्रिया हकलाते हुए बोली।

मैंने 15 मिनट तक उसकी गांड मारी। फिर लंड बाहर निकाला और उसे लिटाया। अब मैं उसकी चूत में डालने लगा। वो पहले से ही गीली थी लेकिन मैंने बिना warning के पूरा लंड एक बार में अंदर घुसा दिया।

“आह्ह्ह… धीरे… मर जाऊंगी,” प्रिया चीखी।

मैंने उसके बूब्स पकड़े और जोर-जोर से चोदने लगा। टीवी पर पापा भी मम्मी को वैसे ही चोद रहे थे। दोनों कमरों में चुदाई की आवाजें आ रही थीं।

“देख… पापा कितने मजे से मम्मी को चोद रहे हैं… उनका 12 इंच का लंड पूरा अंदर जा रहा है,” मैंने प्रिया से कहा।

“हां… मम्मी… बहुत lucky हैं… इतना बड़ा लंड मिलता है उन्हें रोज,” प्रिया ने कहा।

मैंने स्पीड बढ़ा दी। बिस्तर हिल रहा था। प्रिया की चूत से पानी निकल रहा था और मेरे लंड पर लग रहा था।

“मैं झड़ने वाला हूं… कहां चोड़ूं?” मैंने पूछा।

“मुझे… मुझे बच्चा चाहिए… अंदर ही चोदो… भर दो मेरी चूत को,” प्रिया ने कहा।

मैंने तीन-चार जोरदार धक्के मारे और उसकी चूत में ही झड़ गया। मेरा लंड फड़क रहा था और गाढ़ा वीर्य उसकी कोख में भर रहा था। मैं 2 मिनट तक उसके ऊपर लेटा रहा, लंड अंदर ही रखा।

जब बाहर निकाला तो वीर्य की सफेद धार बहती हुई निकली। प्रिया की चूत और गांड दोनों लाल थीं और फैली हुई थीं।

लेकिन मेरा लंड अभी भी खड़ा था। टीवी पर पापा भी तीसरी बार मम्मी को चोद रहे थे। मम्मी अब घुटनों के बल थीं और पापा पीछे से उनकी चूत में लंड पेल रहे थे।

“एक राउंड और… देख पापा कितनी देर तक चोद रहे हैं… मैं भी पूरी रात चोदूंगा तुझे,” मैंने प्रिया के बाल पकड़े और फिर से उसे घोड़ी बनाया…

…रात के 12 बजे से सुबह के 5 बजे तक – पूरे 5 घंटे। मैं और पापा दोनों रुके नहीं। जब एक राउंड खत्म होता, दूसरा शुरू। मम्मी और प्रिया दोनों की चूत और गांड बदल-बदल कर चोदी।

टीवी पर मैं देख रहा था – पापा मम्मी को हर पोजिशन में चोड़ रहे थे। घोड़ी बनाकर, लिटाकर, खड़ा करके, उल्टा करके। मम्मी चीख-चीख कर बेहोश हो रही थीं लेकिन पापा का 12 इंच का लंड रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

“आज तो मैं तेरी जान निकाल दूंगा… 30 साल का बदला एक साथ,” पापा मम्मी को चोदते हुए बोल रहे थे।

मैंने भी प्रिया को चार बार चोदा। दो बार चूत में, दो बार गांड में। हर बार अंदर ही झाड़ा। उसकी चीखें सुनकर मजा आ रहा था।

रात के 3 बजे तक मम्मी और प्रिया दोनों रो-रो कर थक चुकी थीं। उनकी चूतें लाल और सूजी हुई थीं, गांडें फटी हुई थीं। लेकिन हम रुके नहीं।

“बस… बस करो… मर जाऊंगी,” मम्मी पापा से बोलीं।

“चुप… अभी तो आधी रात हुई है,” पापा ने उनके मुंह पर हाथ रखा और फिर से चोदना शुरू किया।

सुबह 5 बजे जब हम रुके, तो मम्मी और प्रिया दोनों बेहोशी की हालत में बिस्तर पर पड़ी थीं। उनके शरीर पर नीले-नीले निशान थे। चूत और गांड से सफेद पानी बह रहा था। बिस्तर पूरी तरह से भीगा हुआ था वीर्य और उनके पानी से।

सुबह का मंजर

सुबह 9 बजे जब मेरी आंख खुली, तो प्रिया बिस्तर पर मरी हुई तरह पड़ी थी। वो उठ नहीं पा रही थी। उसकी टांगें कांप रही थीं।

“पानी… पानी दो,” उसने फुसफुसाते हुए कहा।

मैंने उसे पानी दिया। वो बैठने की कोशिश की लेकिन चीख पड़ी, “अरे… दर्द… नहीं उठ पा रही हूं।”

मैंने उसे गोद में उठाया और बाथरूम तक ले गया। उसकी चूत और गांड दोनों सूजी हुई और लाल थीं। वीर्य अभी भी बह रहा था।

उसी वक्त पापा भी अपने कमरे से बाहर आए। वो मुस्कुरा रहे थे। उनके हाथ में मम्मी थीं – उन्होंने भी मम्मी को गोद में उठाया हुआ था। मम्मी की हालत और भी खराब थी। वो बेहोशी की हालत में थीं, उनकी साड़ी खून और सफेद पानी से लथपथ थी।

पापा और मैंने एक दूसरे को देखा। दोनों मुस्कुराए।

“कैसी रही रात?” पापा ने पूछा।

“अजीब थी पापा… आपने मम्मी को बुरी तरह चोदा,” मैंने कहा।

“तूने भी कम नहीं किया… तेरी पत्नी तो उठ भी नहीं पा रही,” पापा ने हंसते हुए कहा।

“30 साल का अनुभव है आपके पास… मुझे तो अभी सीखना है,” मैंने कहा।

“कोई बात नहीं… अगली बार साथ में चोदेंगे एक साथ… मैं मम्मी को, तू प्रिया को… एक ही बिस्तर पर,” पापा ने आंख मारी।

मम्मी ने आंखें खोली और फुसफुसाई, “तुम दोनों पागल हो गए हो… मैं तो अब एक महीने तक चल नहीं पाऊंगी।”

प्रिया भी हंस पड़ी, “मैं भी… ये दोनों मर्द तो हैवान हैं।”

हम चारों हंसने लगे। यह थी हमारी 30वीं एनिवर्सरी – एक यादगार रात जो हमेशा याद रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *