पापा और मेरी सुहागरात मालदीव्स में 4
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रात के करीब 10:30 बजे मैंने बहाना बनाकर उनके रूम में जाने का फैसला किया। मैं धीरे से उनके रूम का दरवाजा खोलकर अंदर चली गई।
अंदर घुसते ही मैं रुक गई।
कमरा पूरी तरह से सुहागरात वाला सजा हुआ था।
बेड पर लाल और सफेद गुलाब की ताजी पंखुड़ियाँ बिछी हुई थीं। चारों तरफ scented candles जल रहे थे, जिनकी नरम गुलाबी रोशनी पूरे कमरे में फैली हुई थी। बेड के ऊपर हल्के सफेद canopy पर्दे लटक रहे थे। बेडसाइड टेबल पर शैंपेन की बोतल, दो ग्लास, चॉकलेट्स, फ्रूट्स और massage oil की बोतल सजी हुई थी। कमरे में हल्का रोमांटिक परफ्यूम छिड़का हुआ था। बाहर समुद्र की लहरों की आवाज आ रही थी।
मैंने हैरानी से पूछा, “ये सब क्या है?”
बड़ी मम्मी अनन्या ने शर्माते हुए मुस्कुराकर कहा,
“विला वाले बिना बताए ही सजा देते हैं… anniversary स्पेशल पैकेज था।”
छोटी मम्मी प्रिया ने भी हल्के से सिर हिलाया और बोलीं,
“हाँ बेटा… हम तो आज बहुत थक गए हैं। नींद आ रही है।”
तीनों की नजरों में एक ही बात साफ दिख रही थी — वे मुझे जल्दी से अपने रूम में भेजना चाहते थे। पापा की आँखों में भूख थी, दोनों मम्मियों के चेहरे पर शर्म और उत्तेजना का मिश्रण था।
छोटी मम्मी प्रिया ने कहा,
“हम तीनों एक ही बेड पर सो जाते हैं। जिया, तुझे तकलीफ न हो इसलिए…”
मैंने तुरंत जवाब दिया,
“नहीं मम्मी, कोई तकलीफ नहीं है। चलो मेरे रूम में ही सो जाते हैं। मेरा बेड बहुत बड़ा है, चारों आराम से सो सकते हैं।”
पापा ने थोड़ा सोचा और फिर बोले,
“ठीक है… चलो जिया के रूम में ही सो जाते हैं। कल घूमने जाना है, आज जल्दी सो जाते हैं।”
मैं अपने रूम में आ गई। तीनों भी मेरे पीछे-पीछे आए। पापा ने लाइट बंद कर दी और बोले,
“सो जाओ सब… कल घूमने जाएंगे।”
मैं बिस्तर पर लेट गई। पापा बीच में लेटे, बड़ी मम्मी उनकी बाईं तरफ और छोटी मम्मी दाईं तरफ। कमरा अंधेरा था, लेकिन मेरे दिमाग में अभी भी उनके रूम का सुहागरात वाला सजा हुआ माहौल घूम रहा था।
तीनों थोड़ी देर में सो गए, लेकिन मैं जानती थी कि वे सिर्फ नाटक कर रहे थे। उनकी साँसें अभी भी थोड़ी तेज थीं।
मैं आँखें बंद किए लेटी रही, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। मेरे शरीर में अभी भी गर्मी बाकी थी।
मैंने सोने का नाटक किया। आँखें बंद कर लीं और साँसें सामान्य रखीं। कुछ देर बाद तीनों उठे। पापा ने धीरे से कहा, “चलो, जिया सो गई है।”
वे तीनों मेरे रूम से बाहर निकले और अपना रूम बंद करके अपने रूम में चले गए। मैंने कुछ सेकंड इंतजार किया, फिर चुपचाप उठकर ग्लास वॉल के पास आ गई और पर्दा थोड़ा हटाकर देखने लगी।
उनके रूम में
पापा ने दरवाजा बंद करते ही कहा,
“जिया के चक्कर में आज हमारी रात खराब हो गई। अगली बार जिया को साथ नहीं लाएंगे।”
बड़ी मम्मी अनन्या ने मेरे रूम का दरवाजा धीरे से खोला और अंदर झाँका। मैं तुरंत लेट गई और सोने का नाटक कर लिया। अनन्या मम्मी ने मुझे कुछ देर देखा, फिर वापस चली गईं और बोलीं, “जिया सो गई है।”
जैसे ही उन्होंने दरवाजा बंद किया, दोनों मम्मियाँ पापा पर टूट पड़ीं।
छोटी मम्मी प्रिया ने पापा को जोर से kiss करना शुरू कर दिया। वे पापा की गोद में चढ़ गईं और उनके होंठों को चूसने लगीं। बड़ी मम्मी अनन्या ने पापा की अंडर वियर उतार दी। पापा का 12 इंच का मोटा, लोहे जैसा सख्त लंड बाहर छलांग लगाकर निकल आया।
दोनों मम्मियाँ घुटनों के बल बैठ गईं। अनन्या मम्मी ने लंड का सिरा मुंह में लिया और जोर से चूसने लगीं। प्रिया मम्मी नीचे अंडकोष चूस रही थीं। दोनों बारी-बारी लंड चूस रही थीं, जीभ से चाट रही थीं, गले तक लेने की कोशिश कर रही थीं। पापा सिर पीछे करके मजा ले रहे थे।
“आह्ह्ह… दोनों बहुत अच्छा चूस रही हो…” पापा कराह रहे थे।
थोड़ी देर बाद दोनों मम्मियों ने अपने बाकी कपड़े भी उतार दिए। अब तीनों पूरी तरह नंगे थे। दोनों मम्मियाँ पापा के लंड को चूसते हुए अपने स्तन भी पापा को चुसवा रही थीं।
प्रिया मम्मी हाँफते हुए बोलीं,
“अब डालो ना… 24 घंटे से तड़प रही हूँ।”
बड़ी मम्मी अनन्या ने कहा,
“पहले गांड में डालो… फिर चूत में।”
पापा ने मुस्कुराते हुए कहा,
“पहले दोनों की चूत मार लेता हूँ, फिर गांड की बारी आएगी। ठीक है प्रिया?”
प्रिया मम्मी ने हामी भर दी, “ठीक है… लेकिन पहले मुझे… प्लीज।”
पापा ने प्रिया मम्मी को लिटाया। उनकी दोनों टाँगें उठाकर अपने कंधों पर रख लीं। लंड पर lubricant लगाया और चूत के मुंह पर रखा।
फिर एक ही जोरदार झटके में आधा लंड अंदर कर दिया।
“आआआह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! धीरे!!! बहुत मोटा है… आह्ह्ह्ह!!! फट गई!!!”
प्रिया मम्मी जोर से चीख पड़ीं। अनन्या मम्मी उनके पास बैठी थीं और उनके स्तनों को चूस रही थीं। पापा ने रफ्तार बढ़ाई और गहरे-गहरे झटके मारने लगे।
पापा ने प्रिया मम्मी की टाँगें अपने कंधों पर और अच्छे से रख लीं। उन्होंने धीरे-धीरे कमर हिलानी शुरू की। पहले तो सिर्फ आधा लंड अंदर-बाहर कर रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे गहराई बढ़ाते जा रहे थे।
“आह्ह्ह्ह!!! विक्रम… धीरे… आह्ह्ह्ह!!! बहुत गहरा जा रहा है…” प्रिया मम्मी चीख रही थीं, लेकिन उनकी आवाज में दर्द के साथ मजा भी आने लगा था।
पापा ने मुस्कुराते हुए कहा,
“पहले तुम पूरा नहीं ले पाती थीं… याद है सुहागरात वाली रात? अब देखो… धीरे-धीरे पूरा डाल रहा हूँ… तुम्हारी काली चूत को फुल बना दिया है मैंने।”
प्रिया मम्मी ने आँखें बंद करके कराहते हुए कहा,
“हाँ… पहले बहुत दर्द होता था… लेकिन अब… आह्ह्ह्ह!!! बहुत मजा आ रहा है… और गहरा… और तेज करो… मुझे बचा मत देना… मुझे प्रेग्नेंट नहीं करना… अनन्या को कर दो… मैं सिर्फ चुदवाना चाहती हूँ… आह्ह्ह्ह!!!”
पापा पूरे जोर से चोद रहे थे। अब उनका पूरा 12 इंच का मोटा लंड प्रिया मम्मी की चूत में घुस-घुसकर बाहर निकल रहा था। हर झटके पर “पच्… पच्… पच्…” की तेज आवाजें आ रही थीं। प्रिया मम्मी की चूत पूरी तरह फैल चुकी थी।
पापा हाँफते हुए बोले,
“जिया को भी शादी करवानी है… 1-2 साल में। तुम दोनों में से कौन प्रेग्नेंट होने वाली है?”
बड़ी मम्मी अनन्या ने जवाब दिया,
“जिया अभी 1-2 साल में सादी करवा देंगे। उसके सामने अगर मैं प्रेग्नेंट हुई तो क्या सोचेगी वो? लोग भी क्या कहेंगे? घर जाकर सोचते हैं।”
प्रिया मम्मी चीखते हुए बोलीं,
“हाँ… मुझे बस चुदवाना है… प्रेग्नेंट होने का मन नहीं है… आह्ह्ह्ह!!! और तेज… papa और तेज… मेरा होने वाला है!!!”
पापा अब फुल स्पीड में चोद रहे थे। उनके पेट प्रिया मम्मी के पेट से जोर-जोर से टकरा रहे थे। प्रिया मम्मी की चीखें अब चरम पर थीं —
“आह्ह्ह्ह!!! होने वाला है… आ गया… आ गया papa… आह्ह्ह्ह्ह!!! मैं झड़ रही हूँ… हाँ… हाँ… बहुत जोर से!!!”
प्रिया मम्मी का शरीर अचानक सख्त हो गया। उनकी चूत पापा के लंड को जोर से निचोड़ने लगी। वे काँपती हुई, चीखती हुई झड़ गईं। उनकी आँखें उलटी पड़ गईं, मुंह से लार निकल रही थी।
पापा ने भी तेजी बढ़ाई, लेकिन बोले,
“मेरा अभी नहीं आया… थोड़ा और टाइम लगेगा…”
वे प्रिया मम्मी को बिना रुके चोदते रहे, जबकि प्रिया मम्मी अभी भी अपने ऑर्गेज्म से काँप रही थीं।
पापा प्रिया मम्मी को बेरहमी से चोद रहे थे। उनका 12 इंच का मोटा लंड पूरी गहराई तक अंदर-बाहर हो रहा था। हर जोरदार झटके के साथ प्रिया मम्मी का पूरा शरीर हिल रहा था। उनकी चूत अब पूरी तरह फैल चुकी थी और चिकनाई के साथ वीर्य की गीली आवाजें आ रही थीं।
“आह्ह्ह्ह!!! विक्रम… बहुत तेज… आह्ह्ह्ह!!! फाड़ दोगे मुझे… आह्ह्ह्ह!!! बस करो… मैं सह नहीं पा रही!!!”
प्रिया मम्मी जोर-जोर से चीख रही थीं। उनके आँसू निकल आए थे, लेकिन शरीर अभी भी पापा के हर झटके का स्वागत कर रहा था। पापा ने उनकी कमर को और कसकर पकड़ लिया और रफ्तार बढ़ा दी।
लगभग 8-10 मिनट तेज चुदाई के बाद प्रिया मम्मी हाँफते हुए चीखीं,
“अब… अब निकालो… अपना पानी निकाल दो… आह्ह्ह्ह!!! मैं pregnant नहीं होना चाहती… कहीं भी निकाल दो!!!”
पापा ने हाँफते हुए पूछा,
“कहाँ निकालूँ? चूत में या मुँह में?”
प्रिया मम्मी ने आँखें बंद करके कहा,
“कहीं भी… जहाँ मन करे… 2 दिन पहले ही मेरे periods आए थे… अभी प्रेग्नेंट होने का डर नहीं है… बस निकाल दो… आह्ह्ह्ह!!!”
पापा ने और 20 मिनट तक बिना रुके जोर-जोर से चोदा। प्रिया मम्मी कई बार चीखीं, उनके शरीर में झुर्रियाँ पड़ रही थीं। आखिर में पापा की रफ्तार बहुत तेज हो गई।
“प्रिया… आ रहा है…!!!”
पापा ने पूरा लंड गहराई तक दबाया और बिना बाहर निकाले ही जोर से झड़ने लगे। गर्म-गर्म मोटी-मोटी धारें सीधे प्रिया मम्मी की चूत के अंदर छूटने लगीं। इतना ज्यादा वीर्य निकला कि उनकी चूत भर गई और कुछ बाहर भी रिसने लगा।
प्रिया मम्मी भी उसी समय झड़ गईं। उनका शरीर जोर से काँपा, आँखें उलटी पड़ गईं और वे चीखकर बोलीं,
“आह्ह्ह्ह!!! भर गया अंदर… बहुत गर्म है… आह्ह्ह्ह!!!”
पापा पूरा वीर्य उनके अंदर उड़ेलकर उनके ऊपर ही लेट गए। दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। पापा का लंड अभी भी प्रिया मम्मी की चूत के अंदर था और धीरे-धीरे ढीला हो रहा था। वीर्य उनकी चूत से बाहर रिसकर बेडशीट पर गिर रहा था।
प्रिया मम्मी थकी हुई आवाज में बोलीं,
“बहुत… बहुत ज्यादा निकाला है आज… मेरी चूत पूरी भर गई…”
पापा ने उनकी गर्दन पर किस करते
प्रिया मम्मी के राउंड के बाद अनन्या मम्मी ने पापा की छाती पर हाथ फेरते हुए कहा,
“अब मेरी बारी है…”
पापा ने हाँफते हुए मुस्कुराकर कहा,
“रुको 5 मिनट… थोड़ा साँस तो ले लूँ।”
अनन्या मम्मी उठकर खड़ी हो गईं। उनकी चूत और गांड अभी भी सूजी हुई थी। उन्होंने रूम सर्विस को कॉल करके दूध मँगवाया। जब दूध आया तो उन्होंने उसमें कुछ मिलाया (जो उन्होंने पहले से रखा था) और पापा को पिला दिया। पापा ने पूरा ग्लास पी लिया।
5 मिनट बाद पापा का लंड फिर से पूरी तरह खड़ा और सख्त हो गया।
पापा ने कहा,
“अनन्या… अब आ जाओ… तैयार हो।”
अनन्या मम्मी ने शर्माते हुए कहा,
“बाहर बालकनी में करते हैं?”
पापा ने तुरंत मना कर दिया,
“नहीं, रात हो गई है और हवा भी बहुत तेज चल रही है। कल दिन में कर लेंगे, पक्का।”
अनन्या मम्मी ने हामी भर दी, “ठीक है…”
पापा ने मुस्कुराते हुए कहा,
“गोदी बन जा…”
अनन्या मम्मी ने पापा की गोद में बैठने की कोशिश की, लेकिन पापा ने उन्हें missionary पोजीशन में लिटा दिया। उन्होंने अनन्या मम्मी की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं। लंड पर फिर से lubricant लगाया और चूत के मुंह पर रख दिया।
एक ही जोरदार झटका!
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! पूरा घुस गया… आह्ह्ह्ह!!! बहुत मोटा है… फट गई मेरी चूत!!! आह्ह्ह्ह्ह!!!”
अनन्या मम्मी जोर से चीख पड़ीं। पापा का पूरा 12 इंच लंड एक झटके में अंदर चला गया। उनकी टाइट चूत बुरी तरह फैल गई। वे काँप रही थीं, आँखों से आँसू बह रहे थे।
पापा ने उनकी कमर पकड़कर तेज-तेज झटके मारने शुरू कर दिए।
धप्प्… धप्प्… धप्प्…
“आह्ह्ह्ह!!! विक्रम… और तेज… हाँ… इसी तरह… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्ह्ह!!! बहुत मजा आ रहा है… मत रुकना!!!”
अनन्या मम्मी अब दर्द के बाद पूरा मजा ले रही थीं। वे अपनी कमर उठाकर पापा के झटकों का जवाब दे रही थीं। पापा भी फुल स्पीड में चोद रहे थे।
“हाँ अनन्या… तेरी चूत आज भी टाइट है… आह्ह्ह… ले… ले… और ले…” पापा गरज रहे थे।
अनन्या मम्मी चीख रही थीं,
“हाँ… हाँ… और गहरा… मेरी चूत फाड़ दो… आह्ह्ह्ह!!! बहुत अच्छा लग रहा है… जोर से… जोर से चोदो!!!”
पापा ने उनकी टाँगें और फैला दीं और और भी तेज झटके मारने लगे। अनन्या मम्मी की चीखें अब चरम पर थीं। वे बार-बार चिल्ला रही थीं, “हाँ… हाँ… आने वाला है… आह्ह्ह्ह!!! मैं झड़ रही हूँ… आह्ह्ह्ह्ह!!!”
उनका शरीर जोर से काँपा और वे झड़ गईं। लेकिन पापा नहीं रुके। वे लगातार चोदते रहे।
थोड़ी देर बाद अनन्या मम्मी फिर चीखीं,
“फिर आ गया… आह्ह्ह्ह!!! दूसरी बार… हाँ… हाँ… बहुत मजा आ रहा है!!!”
पापा भी तेज हो गए और बोले,
“मेरा भी आने वाला है…”
वे पूरे जोर से चोदते रहे।
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