पापा और मेरी सुहागरात मालदीव्स में 3
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पापा अनन्या मम्मी की गांड में जोर-जोर से धकेल रहे थे। उनका 12 इंच का मोटा लंड पूरी तरह अंदर-बाहर हो रहा था। हर झटके पर अनन्या मम्मी की गोल-मोटी गांड हिल रही थी और “धप्प्… धप्प्… धप्प्…” की तेज आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।
अनन्या मम्मी अब दर्द के बाद पूरा मजा ले रही थीं। उनकी आँखें बंद थीं, मुंह खुला था और वे लगातार सिसकार रही थीं —
“हाँ विक्रम… और जोर से… मेरी गांड फाड़ दो… आह्ह्ह्ह!!! बहुत दिनों बाद मिल रहा है… हाँ… हाँ… इसी तरह मारो!!!”
पापा उनकी कमर को कसकर पकड़े हुए थे और बेरहमी से चोद रहे थे। बीच-बीच में वे अनन्या मम्मी की गांड पर जोरदार थप्पड़ मार रहे थे।
थोड़ी देर बाद दोनों बातें करने लगे, जबकि पापा अभी भी अनन्या मम्मी की गांड में लंड डाले हुए थे —
पापा: “सुहागरात के दिन कितना मजा आया था तुम्हें… तुम्हारी पूरी रात लेने में।”
अनन्या मम्मी: “हाँ… मुझे भी बहुत मजा आया था। सुहागरात के दिन ही तुमने मुझे pregnant कर दिया था… उसी रात जिया हुई थी।”
पापा: “हाँ… उस दिन तुम बहुत चीखी थीं।”
अनन्या मम्मी: “तुमने सुहागरात के दिन ही मेरी गांड भी मारी थी… बहुत दर्द हुआ था, लेकिन बाद में मजा भी आया।”
पापा: “प्रिया की भी उसी दिन गांड मारी थी… दोनों बहुत चीखी थीं।”
अनन्या मम्मी: “हाँ… लेकिन अब तो आराम से करो… धीरे-धीरे… आह्ह्ह्ह!!!”
छोटी मम्मी प्रिया बगल में लेटी सब देख रही थीं। उनकी एक उंगली अपनी चूत में थी।
पापा ने पोजीशन बदली। उन्होंने अनन्या मम्मी को sideways कर दिया और फिर से गांड में लंड डाल दिया। अब वे और भी जोर से चोद रहे थे। लगभग 1 घंटा बीत गया, लेकिन पापा अभी भी नहीं रुक रहे थे। अनन्या मम्मी अब थक चुकी थीं, उनकी गांड में दर्द हो रहा था, फिर भी वे पापा को रोक नहीं पा रही थीं।
आखिर में पापा ने हाँफते हुए कहा,
“अनन्या… anniversary का special… अंदर निकालूँ या बाहर?”
अनन्या मम्मी: “नहीं… दर्द हो रहा है… बाहर निकाल दो… मेरे मुँह में या boobs पर…”
पापा ने लंड उनकी गांड से निकाला। Condom भी उतार दिया। अनन्या मम्मी तुरंत घुटनों के बल बैठ गईं। पापा ने लंड उनके मुँह के पास रखा और जोर से झड़ने लगे।
गर्म-गर्म मोटी धारें पहले अनन्या मम्मी के मुँह में पड़ीं, फिर उनके गले, ठोड़ी और बड़े-बड़े boobs पर गिरने लगीं। सफेद वीर्य उनके गुलाबी निप्पल्स और भरे हुए स्तनों पर फैल गया।
अनन्या मम्मी ने आँखें बंद करके पूरा वीर्य स्वीकार किया। कुछ बूँदें उनके होंठों पर भी लगीं, जिन्हें उन्होंने जीभ से चाट लिया।
पापा थककर बेड पर लेट गए। अनन्या मम्मी भी उनके बगल में लेट गईं। उनका पूरा शरीर पसीने और वीर्य से सना हुआ था। गांड लाल और सूजी हुई थी।
छोटी मम्मी प्रिया दोनों के पास आकर लेट गईं।
मैं ग्लास के पास खड़ी यह सब देख रही थी। मेरा शरीर अभी भी गर्म था…
तीनों थककर बेड पर लेट गए थे। अनन्या मम्मी पापा की बाईं तरफ और प्रिया मम्मी दाईं तरफ लेटी हुई थीं। कमरे में अभी भी candles जल रहे थे और हल्की रोमांटिक खुशबू फैली हुई थी।
प्रिया मम्मी (छोटी मम्मी) अभी भी बहुत गर्म थीं। उनकी चूत चुदाई के बाद भी सूजी हुई थी, लेकिन अंदर से गर्मी कम नहीं हो रही थी। उन्होंने पापा की छाती पर हाथ रखा और शर्माते हुए फुसफुसाया,
“जी… एक राउंड और कर लो ना प्लीज… मेरी चूत अभी भी बहुत गर्म है… चुदवाना चाहती हूँ…”
पापा ने थकी हुई मुस्कान दी और उनके बालों में हाथ फेरते हुए बोले,
“प्रिया… तुम्हें तो डर लगता है ना? अभी बहुत हो गया। सब कुछ सुबह होगा। पहले तुम्हारी गांड, फिर चूत। अब सो जाओ।”
प्रिया मम्मी ने थोड़ा और मनाया, लेकिन पापा नहीं माने। आखिरकार उन्होंने हार मान ली और बोलीं, “ठीक है जी… जैसी आपकी मर्जी।”
तीनों एक ही बेड पर लेट गए। पापा बीच में थे, अनन्या मम्मी उनकी बाईं तरफ और प्रिया मम्मी दाईं तरफ। पापा ने दोनों को अपनी बाहों में ले लिया। कमरा अब शांत था, सिर्फ समुद्र की लहरों की आवाज आ रही थी।
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मेरी तरफ (जिया):
मैं ग्लास के पास खड़ी सब कुछ देख रही थी। पापा की बेरहमी भरी चुदाई, दोनों मम्मियों की चीखें, चॉकलेट और वीर्य से सने शरीर — सब देखकर मेरी चूत कई बार गीली हो चुकी थी।
मैंने 4-5 बार खुद को उँगलियों से हिलाया और हर बार मेरा पानी निकल गया था। मेरी पैंटी पूरी भीग चुकी थी। शरीर थक गया था, लेकिन मन अभी भी बहुत गर्म था।
मैं बिस्तर पर लेट गई और सोचने लगी…
मुझे अब पता चल गया था कि मेरी मम्मी (अनन्या) ने सिर्फ 20 साल की उम्र में मुझे जन्म दिया था। शादी के महज 9 महीने बाद। यानी शादी के तुरंत बाद ही पापा ने उन्हें pregnant कर दिया था।
ये सोचकर मेरे शरीर में फिर से एक गर्म लहर दौड़ गई।
मैंने आँखें बंद कर लीं। शरीर थका हुआ था, लेकिन दिमाग में बार-बार वही दृश्य घूम रहे थे — पापा का 12 इंच का मोटा लंड, दोनों मम्मियों की चीखें, गांड चुदाई, वीर्य…
धीरे-धीरे मेरी आँख लग गई।
रात के अंधेरे में समुद्र की लहरें बज रही थीं, और तीनों का बेडरूम अभी भी रोमांटिक रोशनी में जगमगा रहा था।
सुबह के 12 बज चुके थे। मेरी आँख खुली तो मैं बिस्तर पर नंगी लेटी हुई थी। सिर्फ एक छोटा सा शॉर्ट्स और बहुत छोटा टॉप पहना हुआ था, जिससे मेरे स्तन आधे से ज्यादा बाहर निकले हुए थे।
मैंने ग्लास वॉल की तरफ देखा।
तीनों अभी भी नंगे ही सो रहे थे। पापा बीच में लेटे हुए थे। उनकी बाईं तरफ बड़ी मम्मी अनन्या और दाईं तरफ छोटी मम्मी प्रिया थीं। तीनों एक-दूसरे को बाहों में पकड़े हुए थे। पापा की एक टाँग अनन्या मम्मी की जाँघ पर पड़ी हुई थी, और उनका लंड अभी भी छोटी मम्मी प्रिया की चूत में आधा-अधूरा अंदर था।
मैं उठी और चुपचाप उनके रूम में चली गई।
रूम की हालत बेहद खराब थी।
बेडशीट पूरी तरह खिसककर गीली और सिकुड़ी हुई पड़ी थी। चारों तरफ used condom बिखरे हुए थे — कुछ फटे हुए, कुछ वीर्य से भरे। फर्श पर चॉकलेट क्रीम के निशान, lubricant की बोतलें, पैंटी, ब्रा बिखरी हुई थीं। कमरे में चुदाई और सेक्स की तेज खुशबू फैली हुई थी।
बड़ी मम्मी अनन्या की गांड बुरी तरह सूजी हुई थी — लाल और मोटी हो गई थी। छोटी मम्मी प्रिया की चूत भी सूजी हुई और लाल थी, उसमें से अभी भी हल्का वीर्य रिस रहा था।
मैं चुपचाप बाहर आ गई।
तभी पापा की आवाज आई, “जिया… तुम तैयार हो जाओ। हम 20 मिनट में आ रहे हैं।”
मैं अपने रूम में आ गई। कुछ देर बाद तीनों उठे।
पापा ने छोटी मम्मी प्रिया की चूत से अपना लंड बाहर निकाला। प्रिया मम्मी ने कराहते हुए कहा, “अब हो जाए ना… एक राउंड और…”
पापा ने हँसकर मना कर दिया, “अभी नहीं। थोड़ा घूम-फिर के आते हैं। जिया तैयार हो गई है।”
तीनों ने कपड़े पहने। दोनों मम्मियाँ ब्रा और पैंटी पहनकर ऊपर हल्के कपड़े डाल रही थीं। पापा ने उन्हें देखकर कहा, “बहुत sexy लग रही हो दोनों… जी कर रहा है अभी पेल दूँ।”
लेकिन फिर उन्होंने बेडशीट ठीक की, used condom और सारी चीजें कचरे में डालीं, कमरा थोड़ा साफ किया। पापा ने रूम सर्विस को बुलाकर साफ-सफाई और नए डेकोरेशन का ऑर्डर दे दिया।
जब वे मेरे रूम में आए तो मैंने थोड़ी acting की — जैसे मैंने कुछ नहीं देखा हो।
“गुड मॉर्निंग पापा… मम्मी…” मैंने सामान्य स्वर में कहा।
बड़ी मम्मी अनन्या थोड़ी लंगड़ाती हुई चल रही थीं। उनकी गांड इतनी सूजी हुई थी कि पैंटी के अंदर से भी साफ दिख रही थी। वे बैठते समय भी दर्द से चेहरा बनाती थीं।
मैंने पूछा, “बड़ी मम्मी, क्या हुआ? आप ठीक से चल नहीं पा रही हैं?”
छोटी मम्मी प्रिया ने तुरंत जवाब दिया, “कुछ नहीं बेटा… वो कल bathroom में थोड़ी गिर गई थीं।”
मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “ज्यादा चोट तो नहीं लगी ना?”
पापा खुश हो गए और बोले, “नहीं बेटा, बस थोड़ी सी है। चलो, अब lunch करते हैं और Maldives घूमने चलते हैं।”
हम चारों रूम से बाहर निकले।
बड़ी मम्मी अनन्या अभी भी लंगड़ाकर चल रही थीं। उनकी सूजी हुई गांड पैंटी और ड्रेस के नीचे से भी साफ नजर आ रही थी। हर कदम पर वे हल्का सा चेहरा बनाती थीं।
लंच के समय हम चारों एक खूबसूरत beachside रेस्टोरेंट में बैठे। समुद्र की लहरें पास ही बज रही थीं। पापा बीच में बैठे थे, बाईं तरफ बड़ी मम्मी अनन्या और दाईं तरफ छोटी मम्मी प्रिया। मैं उनके सामने बैठी थी।
तीनों के बीच अब खुलकर बातें हो रही थीं। वे बहुत धीरे बोल रहे थे, लेकिन मैं कुछ-कुछ सुन पा रही थी।
पापा ने मुस्कुराते हुए बड़ी मम्मी की जाँघ पर हाथ रखकर कहा,
“कल रात कितना मजा आया… तुम दोनों की चूत और गांड दोनों फाड़ दी।”
बड़ी मम्मी अनन्या शर्मा कर बोलीं,
“बहुत जोर से चोदा था आपने… मेरी गांड अभी भी सूजी हुई है।”
छोटी मम्मी प्रिया ने हँसते हुए कहा,
“मेरी चूत तो कल से ही जल रही है… आज फिर चुदवाना है।”
वे तीनों आपस में बहुत गंदी-गंदी बातें कर रहे थे — कौन कितना सह सकता है, कितनी बार झड़ना है, गांड में कितना दर्द हुआ, आदि। मैं सामने बैठी थी, इसलिए वे बहुत धीरे बोल रहे थे, लेकिन मुझे कुछ-कुछ सुनाई दे रहा था। मेरी चूत फिर से गीली होने लगी थी।
लंच खत्म करने के बाद हम थोड़ा घूमने निकले। Maldives की खूबसूरत व्हाइट सैंड बीच पर चल रहे थे। अब बाहर दिन का उजाला था, इसलिए दोनों मम्मियों की हालत साफ दिख रही थी।
बड़ी मम्मी अनन्या ठीक से चल नहीं पा रही थीं। उनकी गांड इतनी सूजी हुई थी कि पैंटी उस बड़े, लाल और सूजे हुए छेद को छुपा नहीं पा रही थी। हर कदम पर उनकी गांड हिल रही थी और सूजन साफ दिख रही थी। छोटी मम्मी प्रिया की चाल भी थोड़ी अजीब थी — उनकी चूत भी सूजी हुई थी, जिसकी वजह से वे जाँघें थोड़ी फैलाकर चल रही थीं।
लोग उन्हें देख रहे थे। कुछ विदेशी टूरिस्ट मुस्कुरा रहे थे। दोनों मम्मियाँ शर्मा रही थीं, लेकिन पापा बहुत खुश थे। वे दोनों के बीच में चल रहे थे और बीच-बीच में उनकी गांड पर हाथ फेर रहे थे।
थोड़ी देर घूमने के बाद पापा ने कहा,
“बहुत घूम लिया। अब विला वापस चलते हैं।”
तीनों की नजरों में एक ही बात साफ दिख रही थी — उन्हें जल्दी से विला जाकर चुदाई करनी थी।
वापस विला पहुँचते ही पापा ने दोनों मम्मियों को अंदर खींच लिया। मैं अपने रूम में चली गई, लेकिन ग्लास वॉल से सब देख रही थी।
पापा ने कहा, “बहुत घूम लिया। अब विला वापस चलते हैं।”
मैंने तुरंत मना कर दिया और प्यार से बोली,
“नहीं पापा, प्लीज थोड़ा और घूम लेते हैं। Maldives आकर इतनी जल्दी विला में बंद हो जाएँगे तो मजा कहाँ रहा? Please पापा… थोड़ी देर और घूम लें।”
पापा ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराते हुए मान गए। दोनों मम्मियाँ भी मेरी तरफ देख रही थीं। मुझे अंदर से पता था कि वे तीनों जल्दी से विला वापस जाकर अपनी “anniversary celebration” जारी रखना चाहते थे, लेकिन मेरी वजह से मजबूरन रुक गए।
हम थोड़ा और घूमने लगे। दोनों मम्मियाँ बिकिनी में थीं। बड़ी मम्मी अनन्या की सूजी हुई गांड बिकिनी के पतले कपड़े से भी छुप नहीं पा रही थी। हर कदम पर उनकी गांड हिल रही थी और सूजन साफ दिख रही थी। छोटी मम्मी प्रिया भी बिकिनी में बहुत sexy लग रही थीं, लेकिन उनकी चाल में भी हल्की अकड़ थी।
मैं मन ही मन सोच रही थी — “शादी के अलावा मैंने दोनों मम्मियों को कभी इस तरह बिकिनी में नहीं देखा था। आज दोनों की हालत खराब है, लेकिन फिर भी कितनी हॉट लग रही हैं।”
लगभग 7 बजे हम विला वापस पहुँचे।
वापस आते ही तीनों का मूड थोड़ा खराब दिख रहा था। वे चाहते थे कि मैं अपने रूम में चली जाऊँ, लेकिन मैं जानबूझकर उनके साथ balcony वाले private swimming pool में बैठ गई।
मैंने अपना छोटा शॉर्ट्स और टॉप पहना हुआ था। तीनों ने बिकिनी पहनी हुई थी। पापा सिर्फ अंडर वियर में थे।
हम pool में घुस गए। पानी में दोनों मम्मियाँ एक-एक करके पापा को छू रही थीं। कभी बड़ी मम्मी उनकी गोद में बैठ जातीं, तो कभी छोटी मम्मी उनकी पीठ से चिपक जातीं। पापा भी उन्हें छेड़ रहे थे — गांड दबाते, स्तनों को छूते।
मैं जानबूझकर बीच में बातें करती रही — Maldives की सुंदरता, समुद्र, खाना, future plans आदि — ताकि उनका mood खराब हो जाए और वे कुछ न कर सकें।
इस तरह बातों में उलझाते हुए करीब 9 बज गए।
आखिरकार तीनों pool से बाहर निकले। वे कपड़े बदलने गए। दोनों मम्मियों ने फिर से बिकिनी ही पहन ली। पापा ने भी हल्का शॉर्ट्स पहना। मैंने भी अपना कपड़ा चेंज कर लिया।
फिर हमने Zomato से डिनर मँगवाया और साथ में खाया। खाते समय भी तीनों के बीच हल्की-हल्की sexy नजरें और छेड़खानी चल रही थी, लेकिन मेरी वजह से वे खुलकर कुछ नहीं कर पा रहे थे।
डिनर के बाद पापा ने थोड़ा थकान भरी साँस ली और बोले,
“अब काफी हो गया। सब आराम करो।”
दोनों मम्मियाँ मेरी तरफ देखकर हल्के से मुस्कुराईं, लेकिन उनकी नजरों में frustration साफ दिख रहा था।
मैं अपने रूम में आ गई, लेकिन ग्लास वॉल से उनका रूम देख रही थी। अब क्या होगा, ये सोचकर मेरा दिल फिर से तेज धड़कने लगा था…
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