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सुहागरात और हनीमून

पापा और मेरी सुहागरात मालदीव्स मे 7

· Online Admin

विला पहुँचते ही पापा ने मुस्कुराते हुए कहा,
“पहले डिनर करते हैं। तब तक रूम तैयार हो जाएगा।”

हम सब डिनर करने गए। समुद्र के ऊपर बने रेस्टोरेंट में खूबसूरत माहौल था। डिनर के दौरान पापा ने कहा,
“जिया, लक्ष… तुम दोनों कोई भी जरूरत हो तो अपनी दोनों मम्मी से बोल देना। वे तुम्हारी मदद करेंगी।”

मैंने और लक्ष ने सिर हिलाया। खाते-खाते हल्की-हल्की बातें होती रहीं। पापा और दोनों मम्मियाँ बीच-बीच में एक-दूसरे को meaningful नजरों से देख रहे थे।

डिनर खत्म होने के बाद हम विला वापस आए।

पापा और लक्ष अपने-अपने रूम में चले गए। बड़ी मम्मी अनन्या और छोटी मम्मी प्रिया मेरे और फोरम के पास आईं।

बड़ी मम्मी ने दोनों को दूध का ग्लास थमाया और मुस्कुराते हुए बोलीं,
“ये दूध पी लो… अच्छा रहेगा।”

फिर उन्होंने मुझे एक बड़ा बॉक्स दिया। अंदर ढेर सारे premium condom थे — different flavors और types के।

बड़ी मम्मी धीरे से बोलीं,
“जिया, तुम अभी सिर्फ 19 साल की हो। तुम और लक्ष पहली बार मिल रहे हो। कुछ भी नहीं हुआ है। इसलिए safety रखना बहुत जरूरी है। अगर खून आए तो डरना मत। पहली बार ऐसा होता है। कुछ भी चाहिए तो मुझे बुला लेना। चीखना कम, खूब मजे करना।”

फिर उन्होंने lubrication की एक बोतल दी और बोलीं,
“ये एक ही बोतल है। तुम रख लो। तुम अभी छोटी हो, पहले इसे लगाना ठीक रहेगा।”

फोरम (नई मम्मी) ने शर्माते हुए कहा,
“मुझे भी कुछ कहो… मैं भी virgin हूँ।”

बड़ी मम्मी अनन्या ने फोरम के गाल पर हाथ रखकर कहा,
“तुम चिंता मत करो। मैं तुम्हें पहले ट्रेनिंग दूँगी। फिर तुम्हारी बारी आएगी।”

फिर तीनों (पापा, अनन्या और प्रिया) अपने रूम में चले गए।

मैं और फोरम अपने-अपने रूम में गए।

मेरा रूम

कमरा बेहद खूबसूरती से सजाया हुआ था। बेड पर लाल गुलाब की पंखुड़ियाँ बिछी हुई थीं। चारों तरफ scented candles जल रहे थे। हल्की गुलाबी रोशनी थी। बेडसाइड टेबल पर शैंपेन, चॉकलेट्स, फ्रूट्स और massage oil रखा हुआ था। बालकनी से समुद्र का नज़ारा आ रहा था। पूरा माहौल एकदम रोमांटिक और सुहागरात जैसा था।

मैं बेड पर बैठ गई। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।

मैं बेड पर बैठी थी। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। कमरा गुलाब की पंखुड़ियों, candles की रोशनी और हल्की खुशबू से भरा हुआ था।

तभी मैंने देखा — लक्ष बालकनी के पर्दे को थोड़ा हटाकर मेरी तरफ देख रहा था। उसकी नजरें मेरे शरीर पर घूम रही थीं। मुझे अचानक याद आया कि मैंने पहले ही उसे बता दिया था कि मैंने पापा और दोनों मम्मियों की चुदाई देखी थी। शायद इसी वजह से वह इतना उत्सुक था।

मैंने शर्माते हुए मुस्कुराकर इशारा किया। लक्ष पर्दा हटाकर अंदर आ गया।

सुहागरात शुरू

लक्ष मेरे पास आया। उसने मेरे हाथ को अपने हाथ में लिया और धीरे से बोला,
“जिया… आज हमारी पहली रात है।”

मैं शर्मा गई, लेकिन अंदर से बहुत उत्सुक भी थी।

पहले हम दोनों ने एक-दूसरे को दूध पिलाया। लक्ष ने चाँदी के ग्लास में दूध लिया और मुझे पिलाया। कुछ बूँदें मेरे होंठों पर लग गईं। लक्ष ने झुककर अपनी जीभ से उन्हें चाट लिया। फिर मैंने उसे दूध पिलाया। दूध पीते समय हम दोनों की नजरें एक-दूसरे में गड़ी हुई थीं।

फिर गिफ्ट का समय आया।

लक्ष ने मुझे एक खूबसूरत डायमंड नेकलेस पहनाई, जो मेरे गले में जाकर मेरे स्तनों के बीच चमकने लगी। मैंने उसे एक महँगा वॉच और परफ्यूम गिफ्ट किया। गिफ्ट देते समय हम दोनों बहुत पास थे। उसकी साँसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं।

गिफ्ट के बाद लक्ष ने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया।

पहला किस

उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। शुरू में हल्का, नरम किस। फिर धीरे-धीरे गहरा और passionate। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई। हम दोनों की जीभें एक-दूसरे से खेलने लगीं। किस इतना गहरा था कि मेरी साँसें तेज हो गईं। लक्ष ने मेरी कमर को कसकर पकड़ रखा था।

किस के बीच वह मेरी गर्दन पर किस करने लगा। मैंने आह भरी — “लक्ष… आह्ह्ह…”

वह मेरे कान में फुसफुसाया,
“जिया… तुम बहुत खूबसूरत हो… आज मैं तुम्हें पूरी तरह अपनी बना लूँगा।”

मैं शर्मा गई, लेकिन उसकी बाहों में और सिमट गई।

हम दोनों बेड पर बैठ गए। लक्ष ने मेरे बालों में हाथ फेरा और फिर से गहरा किस किया। इस बार किस के साथ उसके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे। मैं भी उसके बालों में हाथ फेर रही थी।

कमरे में candles की रोशनी, गुलाब की महक और हम दोनों की तेज साँसें — सब कुछ एकदम परफेक्ट था।

लक्ष ने धीरे से बालकनी का पर्दा हटा दिया। अब हम दोनों एक-दूसरे को पूरी तरह देख सकते थे। candles की नरम रोशनी में हम दोनों की नजरें मिलीं। लक्ष मेरे पास आया और मेरे होंठों पर फिर से गहरा किस किया।

थोड़ी देर किस करने के बाद लक्ष ने मेरे ऊपरी कपड़े (टॉप) को धीरे-धीरे ऊपर उठाना शुरू किया। मैंने हाथ ऊपर कर दिए। टॉप उतरते ही मैं सिर्फ ब्रा में खड़ी रह गई। मेरे 34D वाले भरे-भरे, गोरे स्तन ब्रा में कैद थे। लक्ष ने उन्हें देखकर गहरी साँस ली।

वह मेरे पास आया, मेरी कमर को पकड़ा और फिर से किस करने लगा। किस के बीच उसने मेरी ब्रा के हुक खोलने की कोशिश की।

मैंने उसके हाथ को हल्का सा रोका और शर्माते हुए कहा,
“लक्ष… रुक जाओ… थोड़ा धीरे…”

लक्ष ने मेरी आँखों में देखा और पूछा,
“क्या हुआ बेबी?”

मैंने सिर झुकाकर कहा,
“कुछ नहीं… बस डर लग रहा है।”

लक्ष ने मेरे गाल पर हाथ रखकर प्यार से कहा,
“तुम virgin नहीं हो? पहले किसी के साथ किया हुआ है तो कोई बात नहीं… मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। बस अब तुम मेरे साथ हो ना?”

मैंने तुरंत सिर हिलाया और बोली,
“नहीं… मैं virgin ही हूँ। मैंने किसी के साथ कुछ नहीं किया है। यही वजह है कि डर लग रहा है।”

लक्ष ने मुझे गले लगाया और मेरे कान में फुसफुसाया,
“कोई बात नहीं जिया… हम बहुत आराम से करेंगे। मैं तुम्हें कभी दर्द नहीं दूँगा।”

मैंने उसकी छाती पर सिर रखते हुए कहा,
“अभी मेरी उम्र तुझसे  7 साल कम है इस लिए गांड भी मत मारना… अभी 4-5 साल तक नहीं। में अभी 19 साल की हु इस लिए मुझे pregnant भी मत करना। मैं तुम्हें खुश रखूँगी… बस धीरे-धीरे करना।”

लक्ष ने मेरे माथे पर किस किया और बोला,
“आई लव यू जिया। तुम बोलो वैसा ही होगा। कोई जल्दबाजी नहीं।”

फिर हम दोनों फिर से किस करने लगे। किस बहुत गहरा और passionate था। लक्ष ने मेरे बाकी कपड़े भी धीरे-धीरे उतार दिए। अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।

लक्ष ने खुद भी अपने कपड़े उतार दिए। अब वह सिर्फ अंडर वियर में था। उसका लंड अंडर वियर में तना हुआ साफ दिख रहा था।

हम दोनों बेड पर बैठ गए। लक्ष ने मुझे गोद में बिठा लिया। हम किस कर रहे थे, एक-दूसरे को छू रहे थे, बातें कर रहे थे।

लक्ष मेरे कान में बोला,
“तुम बहुत खूबसूरत हो… मैं तुम्हें कभी दर्द नहीं दूँगा।”

मैं शर्मा कर उसके सीने से लग गई।

मैं शर्मा कर लक्ष की छाती से लग गई। मेरे नंगे स्तन उसकी छाती से दब रहे थे। उसकी गर्म साँसें मेरे बालों में पड़ रही थीं। लक्ष ने मुझे और कसकर गले लगा लिया।

थोड़ी देर चुप रहने के बाद लक्ष ने धीरे से मेरे कान में कहा,

“जिया… आज तुम्हारी और तुम्हारे पापा की सुहागरात एक ही दिन है… वो भी एक ही विला में। मुझे अजीब सा लग रहा है।”

मैंने उसकी छाती पर सिर रखे हुए ही हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,

“हाँ… मुझे भी थोड़ा अजीब लग रहा है। लेकिन… क्या करें, पापा की इच्छा थी।”

लक्ष ने मेरे बालों में उँगलियाँ फेरते हुए कहा,

“मुझे भी आजिब लग रहा है… तुम्हारे पापा और दोनों मम्मी… एक ही रात में… एक ही विला में।”

मैंने थोड़ा सिर उठाया, उसकी आँखों में देखा

“… मैं आपको सब बताऊँगी… लेकिन पहले मेरी कहानी खत्म होने दो। मेरी सुहागरात पूरी होने के बाद… मैं वो भी बताऊँगी कि मैंने… उनकी भी सुहागरात देखी थी।”

लक्ष की आँखें थोड़ी चौड़ी हो गईं। उसने मेरे गाल पर हाथ रखकर प्यार से कहा,

“ठीक है जिया… कोई जल्दी नहीं है। आज सिर्फ हम दोनों की रात है।”

उसने फिर से मेरे होंठों पर गहरा किस किया। इस बार किस और भी passionate था। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई, और मैं भी उसका जवाब देने लगी। उसके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे, मेरी कमर को सहला रहे थे।

मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं। लेकिन मेरे दिमाग में अभी भी पापा वाले रूम की झलक घूम रही थी।

लक्ष ने मुझे बेड पर लिटा दिया। वह मेरे ऊपर आ गया। उसकी उँगलियाँ मेरे ब्रा के हुक पर थीं। वह धीरे-धीरे ब्रा खोलने लगा। मेरे बड़े स्तन बाहर आने वाले थे।

मैंने शर्माकर अपनी आँखें बंद कर लीं और फुसफुसाया,

“लक्ष… धीरे करना… मैं डर रही हूँ…”

लक्ष ने मेरे माथे पर किस किया और बोला,

“डरो मत जिया… मैं बहुत प्यार से करूँगा।”

कमरे में candles की रोशनी, गुलाब की महक और हम दोनों की तेज साँसें — सब कुछ एकदम परफेक्ट था।

लक्ष मेरे ऊपर झुका हुआ था। उसकी उँगलियाँ मेरी पीठ पर घूम रही थीं। मैंने शर्माते हुए उसकी आँखों में देखकर पूछा,

“लक्ष… डिनर के समय तुम और पापा क्या बात कर रहे थे?”

लक्ष ने मेरे गाल पर हल्का किस किया और मुस्कुराते हुए बोला,

“पापा बोल रहे थे कि… मेरी बेटी को बहुत मजे करवाना। और तुम खुद भी पूरा मजा लेना।”

मैं शर्मा गई। लक्ष ने मेरे ब्रा के हुक खोल दिए। ब्रा जैसे ही खुली, मेरे भरे-भरे स्तन बाहर आ गए। लक्ष ने उन्हें दोनों हाथों में भर लिया और धीरे-धीरे मसलने लगा।

“बहुत सुंदर हैं तुम्हारे boobs…” कहते हुए उसने एक स्तन को मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। मैं आह भरती रही — “आह्ह्ह… लक्ष… धीरे…”

वह दूसरे स्तन को भी चूसने लगा। बीच-बीच में मेरी गर्दन, कंधे और होंठों पर किस कर रहा था।

मैंने शर्माते हुए कहा,
“लक्ष… तुम पहली बार कर रहे हो ना… मुझे ऐसा नहीं लगता।”

लक्ष ने मेरी आँखों में देखकर मुस्कुराते हुए कहा,
“बहुत लड़कियों की सील तोड़ी है… और कुछ भाभियों को भी पटाया है।”

मैंने हल्के से पूछा,
“तो तुम्हें बहुत experience है?”

लक्ष ने मेरे निप्पल को हल्का काटते हुए कहा,
“हाँ… काफी experience है।”

मैंने कुछ नहीं कहा, बस “कोई बात नहीं” कहकर उसकी छाती से लग गई।

लक्ष अब मेरे ऊपर पूरी तरह लेट गया था। उसका सख्त लंड मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को दबा रहा था। वह मेरे स्तनों को जोर-जोर से चूस रहा था। मैं आहें भर रही थी।

इतने में दरवाजे पर हल्की खटखट हुई।

“जिया…!”

बड़ी मम्मी अनन्या की आवाज थी।

मैंने तुरंत चादर में खुद को लपेट लिया। लक्ष ने जल्दी से तौलिए से अपने शरीर को ढक लिया और सिर्फ अंडर वियर में था। उसने दरवाजा खोला।

बड़ी मम्मी अंदर आईं। वे बिकिनी में थीं, उनके बड़े स्तन लगभग बाहर निकले हुए थे। उन्होंने लक्ष को देखा और मुस्कुराते हुए पूछा,

“कैसी है जिया? कितनी बार किया? कोई समस्या तो नहीं है ना?”

लक्ष ने शर्माते हुए कहा,
“अभी एक बार भी नहीं हुआ… वो डर रही है।”

बड़ी मम्मी ने मेरी तरफ देखा और बोलीं,
“क्यों मना कर रही है? अगर मना कर रही है तो मुझे बता दो। आज उसकी सुहागरात है… उसे पेल दो।”

लक्ष ने हल्के से सिर हिलाया, “नहीं… वो मना नहीं कर रही… बस डर रही है। मैं आराम-आराम से आगे बढ़ रहा हूँ।”

बड़ी मम्मी ने लक्ष के कंधे पर हाथ रखकर कहा,
“मुझे भी डर लगता था मेरी सुहागरात के दिन… लेकिन फिर भी पेल दिया था। तुम भी उसे पेल दो।”

फिर वे मुस्कुराती हुई बाहर चली गईं।

लक्ष ने दरवाजा बंद किया और सीधे मेरे ऊपर आ गया।

मैंने शर्माते हुए पूछा,
“मम्मी क्या बोल रही थीं?”

लक्ष ने मेरे होंठों पर किस करते हुए कहा,
“कुछ नहीं… बस आराम से करने को कहा।”

वह फिर से मेरे स्तनों को जोर-जोर से चूसने लगा। उसका सख्त लंड मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को दबा रहा था।

मैं आह भरती रही, लेकिन मन में अभी भी पापा वाले रूम की बातें घूम रही थीं…

 

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