पापा और मेरी सुहागरात मालदीव्स में 2
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मैं ग्लास के पास खड़ी सब देख रही थी। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था। पापा दोनों मम्मियों के स्तनों को बारी-बारी चूस रहे थे। चॉकलेट क्रीम उनके होंठों, ठोड़ी और स्तनों पर लगी हुई थी। दोनों मम्मियाँ आह्ह्ह… उफ्फ… कर रही थीं।
मेरी भी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी। पैंटी के अंदर गर्म चिकनाई बह रही थी। मैंने अपनी जाँघें कसकर दबा लीं, लेकिन फिर भी गर्मी कम नहीं हो रही थी।
थोड़ी देर स्तनों को जोर-जोर से चूसने और मसलने के बाद पापा ने उठकर अपनी अंडर वियर उतार दी।
जैसे ही अंडर वियर नीचे गई, पापा का लंड बाहर निकल आया।
मेरा मुंह खुला का खुला रह गया।
पापा का लंड 12 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा था। एकदम सख्त, सीधा, नसों से फटा हुआ और ऊपर का सिरा मोटा व गुलाबी था। पूरी तरह साफ शेव किया हुआ — एक भी बाल नहीं। लंड की मोटाई और लंबाई देखकर दोनों मम्मियाँ भी मुस्कुरा रही थीं।
बड़ी मम्मी अनन्या ने केक का बड़ा टुकड़ा लिया और पापा के पूरे लंड पर अच्छे से चॉकलेट क्रीम लगाई — ऊपर से नीचे तक, खासकर सिरे पर और अंडकोष (गोदियों) पर भी मोटी लेयर चढ़ा दी।
“आज हम इसे पूरा खा लेंगे…” अनन्या मम्मी ने sexy अंदाज में कहा।
दोनों मम्मियाँ घुटनों के बल बैठ गईं। बड़ी मम्मी अनन्या ने पापा के लंड के सिरे को मुंह में लिया और जोर से चूसने लगीं। छोटी मम्मी प्रिया नीचे झुककर पापा के अंडकोष चूस रही थीं। दोनों मम्मियाँ बारी-बारी पापा के विशाल लंड को चूस रही थीं।
कभी अनन्या मम्मी पूरा सिरा मुँह में लेकर चूसतीं, तो प्रिया मम्मी जीभ से लंड की पूरी लंबाई चाटतीं। कभी दोनों साथ में लंड के दो तरफ से चूसतीं। चॉकलेट उनकी जीभ, होंठों और गालों पर लग रहा था।
पापा सिर पीछे करके आँखें बंद किए मजा ले रहे थे।
“हाँ… इसी तरह… दोनों मिलकर चूसो… आह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है…”
अनन्या मम्मी ने गले तक लंड लेने की कोशिश की, लेकिन 12 इंच का लंड गले तक नहीं जा पा रहा था। फिर भी वे आधे से ज्यादा लंड मुँह में लेकर चूस रही थीं। प्रिया मम्मी नीचे अंडकोष चूस रही थीं और कभी-कभी लंड की जड़ को चाट रही थीं।
पापा ने दोनों मम्मियों के बाल पकड़कर उनके सिर को कंट्रोल कर रहे थे। कभी अनन्या मम्मी का सिर जोर से दबाते, तो कभी प्रिया मम्मी को गहरी लेने के लिए कहते।
“चूसो… जोर से चूसो… आज रात मैं तुम दोनों को खूब चोदने वाला हूँ…” पापा गरज रहे थे।
दोनों मम्मियाँ “मम्म्म… मम्म्म…” करती हुई लगातार चूस रही थीं। कमरे में उनकी चूसने की गीली आवाजें और पापा की हाँफती साँसें गूँज रही थीं। चॉकलेट अब तीनों के चेहरे और शरीर पर फैल चुका था।
मैं ग्लास के पास खड़ी यह सब देख रही थी। मेरी चूत से अब पैंटी भीग चुकी थी। मैंने अपनी जाँघें कसकर दबाईं, लेकिन फिर भी गर्मी बढ़ती जा रही थी।
दोनों मम्मियों ने मिलकर पापा के पूरे 12 इंच लंबे लंड को चॉकलेट क्रीम से साफ कर दिया। अनन्या मम्मी ऊपर से चूस रही थीं और प्रिया मम्मी नीचे से लंड की जड़ और अंडकोष चाट रही थीं। आखिर में पूरा लंड चॉकलेट और लार से चमक रहा था।
पापा ने मुस्कुराते हुए पूछा, “तो आज रात पहले कौन आएगी?”
छोटी मम्मी प्रिया ने शर्माते हुए बड़ी मम्मी की तरफ देखा और बोली, “अनन्या आप पहले जाओ… आप बड़ी हो।”
बड़ी मम्मी अनन्या ने हल्के से मुस्कुराकर कहा, “ठीक है…”
उन्होंने बैग से lubricant की बोतल निकाली। फिर अपनी पैंटी उतार दी। उनकी चूत पूरी तरह साफ और चिकनी थी — कल ही तीनों ने मालदीव्स के स्पा में full Brazilian wax करवाया था। गुलाबी, फूली हुई और बिल्कुल साफ चूत candle की रोशनी में चमक रही थी।
पापा ने अनन्या मम्मी को doggy style में सेट किया। अनन्या मम्मी घुटनों और हाथों के बल हो गईं। उनकी गोल-मोटी गांड ऊपर उठी हुई थी। पापा ने उनके कूल्हों को पकड़ा, लंड की नोक पर lubricant लगाया और चूत पर रगड़ा।
फिर पापा ने कमर को जोर से आगे धकेला।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! धीरे!!! आह्ह्ह्ह!!! पूरा घुस गया… बहुत मोटा है!!! फट गई मेरी चूत!!! आह्ह्ह्ह्ह!!!”
अनन्या मम्मी की तेज चीख निकली। पापा का 12 इंच का मोटा लंड आधे से ज्यादा एक ही झटके में अंदर चला गया था। उनकी टाइट चूत बुरी तरह फैल गई। वे काँप रही थीं, सिर नीचे झुका हुआ था, आँखों से आँसू निकल आए थे।
“उफ्फ्फ्फ!!! बहुत दर्द हो रहा है… निकालो थोड़ा… आह्ह्ह्ह!!! मार डाला… बहुत गहरा जा रहा है!!!”
पापा रुके नहीं। उन्होंने उनकी कमर को मजबूती से पकड़ लिया और धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। हर झटके पर अनन्या मम्मी की चीख निकल रही थी। उनकी गोल गांड पापा के पेट से टकरा रही थी।
लेकिन धीरे-धीरे दर्द कम होने लगा।
“आह्ह्ह… अब… अब थोड़ा अच्छा लग रहा है… हाँ… और गहरा… आह्ह्ह्ह!!!”
पापा ने रफ्तार बढ़ा दी। अब वे जोर-जोर से अनन्या मम्मी को doggy style में चोद रहे थे। हर झटके पर “धप्प्… धप्प्… धप्प्…” की आवाजें गूँज रही थीं। अनन्या मम्मी की चूत से चिकनाई निकल रही थी।
“हाँ विक्रम… और तेज… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्ह्ह!!! बहुत दिनों बाद मिल रहा है… जोर से चोदो!!!”
पापा ने उनकी कमर पकड़कर और भी तेज झटके मारे। अनन्या मम्मी अब दर्द भूलकर पूरा मजा ले रही थीं। उनकी आँखें बंद थीं, मुंह खुला था और वे लगातार सिसकार रही थीं।
छोटी मम्मी प्रिया बगल में बैठी सब देख रही थीं और अपनी चूत पर उंगली फेर रही थीं।
अनन्या मम्मी की चीखें अब पूरी तरह मजा भरी हो चुकी थीं — “हाँ… हाँ… इसी तरह… मेरी गांड पकड़कर चोदो… आह्ह्ह्ह!!! बहुत मजा आ रहा है!!!”
पापा उनकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए जोर-जोर से चोद रहे थे।
पापा अनन्या मम्मी को doggy style में बेरहमी से चोद रहे थे। उनके हर जोरदार झटके के साथ अनन्या मम्मी का पूरा शरीर आगे की तरफ झुक जाता। उनकी गोल गांड पापा के पेट से जोर-जोर से टकरा रही थी।
“आह्ह्ह्ह!!! विक्रम… धीरे… आह्ह्ह्ह!!! बहुत तेज है… फट जाएगी मेरी चूत… आह्ह्ह्ह!!! प्लीज धीरे करो!!!”
लेकिन पापा नहीं रुके। उन्होंने अनन्या मम्मी की कमर को लोहे की तरह पकड़ रखा था और पूरे 12 इंच का लंड बार-बार पूरी ताकत से अंदर-बाहर कर रहे थे। हर झटके में “धप्प्… धप्प्… धप्प्…” की तेज आवाजें गूँज रही थीं।
छोटी मम्मी प्रिया अनन्या मम्मी के नीचे लेट गईं और उनके बड़े-बड़े स्तनों को चूसने लगीं। वे एक स्तन को मुंह में लेकर जोर से चूस रही थीं, निप्पल को दाँतों से हल्का काट रही थीं। अनन्या मम्मी अब दर्द और मजा दोनों से पागल हो रही थीं।
“आह्ह्ह्ह!!! प्रिया… मत काटो… आह्ह्ह्ह!!! विक्रम… बहुत गहरा जा रहा है… मैं मर जाऊँगी… आह्ह्ह्ह!!! हाँ… हाँ… और तेज… फाड़ दो मुझे!!!”
अनन्या मम्मी का शरीर अचानक सख्त हो गया। उनकी चूत पापा के लंड को जोर-जोर से निचोड़ने लगी।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! आ गया… आ गया… मैं झड़ रही हूँ!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! बहुत जोर से… हाँ… हाँ… आह्ह्ह्ह्ह!!!”
अनन्या मम्मी का पहला ऑर्गेज्म बहुत तेज था। उनका पूरा शरीर झड़झड़ा रहा था, आँखें उलटी पड़ गई थीं, मुंह से लार निकल रही थी। उनकी चूत से गर्म चिकनाई पापा के लंड पर बह रही थी।
मैं ग्लास के पास खड़ी यह सब देख रही थी। मेरी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि पैंटी पूरी भीग गई थी। मैंने अपना एक हाथ पैंटी के अंदर डाल दिया और अपनी चूत पर उंगली फेरने लगी। जितना पापा अनन्या मम्मी को जोर से चोद रहे थे, मैं भी उतनी ही तेजी से अपनी उंगली अंदर-बाहर कर रही थी।
कुछ ही देर बाद मेरा भी ऑर्गेज्म आ गया।
“उफ्फ्फ…” मैंने दाँत भींचकर आह भरी। मेरी टाँगें काँप गईं, चूत से गर्म चिकनाई निकलकर जाँघों पर बह गई।
उधर पापा अनन्या मम्मी को अभी भी बेरहमी से चोद रहे थे। करीब 1 घंटे तक लगातार जोरदार चुदाई चली। अनन्या मम्मी कई बार चीखकर झड़ चुकी थीं। आखिर में पापा की रफ्तार और तेज हो गई।
“अनन्या… आ रहा है…!!!”
पापा ने आखिरी जोरदार झटके मारे और पूरा गर्म वीर्य अनन्या मम्मी की चूत के अंदर छोड़ दिया। इतना ज्यादा निकला कि चूत से बाहर बहने लगा।
पापा अनन्या मम्मी के ऊपर ढेर हो गए। दोनों थककर बेड पर लेट गए। अनन्या मम्मी की साँसें अभी भी तेज चल रही थीं, उनकी चूत लाल और सूजी हुई थी, और वीर्य बाहर रिस रहा था।
छोटी मम्मी प्रिया दोनों के पास लेट गईं और प्यार से उनके शरीर को सहलाने लगीं।
मैं भी थककर अपने बेड पर लेट गई। मेरी चूत अभी भी काँप रही थी।
रात अभी बहुत लंबी थी…
पहले राउंड के बाद तीनों थोड़ी देर बेड पर लेटे रहे। पसीने से तर शरीर, तेज साँसें और कमरे में चुदाई की गंध फैली हुई थी। पापा दोनों मम्मियों को अपनी बाहों में लिए हुए थे।
थोड़ी देर बाद पापा ने मुस्कुराते हुए कहा,
“आज तो किसी की सील टूटने वाली है…”
बड़ी मम्मी अनन्या ने शर्माते हुए पापा की छाती पर हाथ फेरते हुए कहा,
“हाँ… मुझे लग रहा है आज मेरी बारी है।”
उनकी आवाज में उत्तेजना साफ झलक रही थी। उनकी चूत अभी भी गर्म और भीगी हुई थी, वे मन ही मन सोच रही थीं कि आज पूरी रात पापा उन्हें चोदेंगे।
छोटी मम्मी प्रिया ने तुरंत मना करते हुए कहा,
“नहीं जी, आज नहीं… बहुत दर्द होगा। मैं ठीक से 7 दिन तक नहीं चल पाऊँगी।”
पापा हँसे और बोले,
“ऐसा नहीं चलेगा प्रिया। आज anniversary है, दोनों की बारी आएगी।”
अनन्या मम्मी ने प्रिया को देखकर कहा,
“मेरी भी गांड मरवाई थी सुहागरात के बाद… और सील टूट गई थी। बहुत दर्द हुआ था, लेकिन बाद में मजा भी आया था।”
प्रिया मम्मी ने शर्माते हुए याद करते हुए कहा,
“सुहागरात के दिन भी आपने एक ही झटके में पूरा लंड डाल दिया था… मेरी चूत 10 दिन तक सूजी रही थी। बैठने में भी दर्द होता था।”
थोड़ी बहस हुई। प्रिया मम्मी नहीं मान रही थीं, लेकिन पापा जिद पर अड़े हुए थे। करीब 1 घंटा बातें और हल्की-हल्की छेड़खानी चलती रही।
आखिरकार पापा ने कहा,
“अनन्या, तू मेरा लंड तैयार कर।”
अनन्या मम्मी तुरंत पापा के लंड के पास गईं। उन्होंने उसे दोनों हाथों में पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया। वे पूरी लगन से चूस रही थीं — ऊपर-नीचे सिर हिला रही थीं, जीभ से पूरा लंड चाट रही थीं, सिरा मुँह में लेकर गहरी चूसाई कर रही थीं। कुछ ही देर में पापा का 12 इंच का लंड फिर से लोहे जैसा सख्त और तना हुआ हो गया।
प्रिया मम्मी अभी भी हिचकिचा रही थीं।
अनन्या मम्मी ने बैग से नया condom निकाला और पापा के लंड पर चढ़ा दिया। फिर उन्होंने प्रिया मम्मी को लिटा दिया और उनके दोनों हाथ पकड़ लिए।
पापा प्रिया मम्मी के बीच में आए। उनकी टाँगें फैलाकर अपने कंधों पर रख लीं। लंड की नोक प्रिया मम्मी की टाइट चूत पर रखी।
प्रिया मम्मी घबरा गईं और बोलीं, “जी… प्लीज धीरे… बहुत डर लग रहा है…”
पापा ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कमर को जोर से आगे धकेला।
धड़ाक्क!
सिर्फ आधा इंच ही अंदर गया था कि प्रिया मम्मी जोर से चीख पड़ीं —
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! निकालो!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई मेरी चूत!!! प्लीज निकालो… मैं मर जाऊँगी!!!”
प्रिया मम्मी जोर-जोर से रोने लगीं। आँखों से आँसू बह रहे थे, शरीर काँप रहा था। वे अनन्या मम्मी के हाथों को जोर से पकड़े हुए थीं और चीख रही थीं।
लेकिन पापा रुके नहीं। वे धीरे-धीरे और अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे।
प्रिया मम्मी लगातार रो रही थीं और चीख रही थीं — “बहुत जलन हो रही है… आह्ह्ह्ह!!! मार डाला… प्लीज… बस करो!!!”
अनन्या मम्मी प्रिया मम्मी के माथे पर हाथ फेर रही थीं और धीरे-धीरे समझा रही थीं, “रो मत प्रिया… थोड़ा सह ले… पहली बार जैसा ही है…”
पापा अभी भी आधे इंच ही अंदर डाल पाए थे, लेकिन प्रिया मम्मी की चीखें और रोना कमरे में गूँज रहा था।
मैं ग्लास के पास खड़ी सब देख रही थी। पापा प्रिया मम्मी (छोटी मम्मी) को doggy style में जोर-जोर से चोद रहे थे। प्रिया मम्मी की चीखें और रोना देखकर मेरा शरीर काँप रहा था। मेरी चूत इतनी गर्म और गीली हो चुकी थी कि मैं खुद को रोक नहीं पाई। मैंने अपनी पैंटी के अंदर हाथ डालकर अपनी चूत पर उँगलियाँ फेरनी शुरू कर दीं।
जैसे ही पापा ने एक और तेज झटका मारा, प्रिया मम्मी की चीख के साथ मेरा भी पानी निकल गया। मेरी टाँगें काँप गईं, चूत से गर्म चिकनाई जाँघों पर बह गई। मैंने दाँत भींचकर आह भरी और बिस्तर का सहारा लिया।
पापा ने प्रिया मम्मी की चूत से लंड बाहर निकाला और मुस्कुराते हुए कहा,
“तुम इतना क्यों चिला रही हो? मैंने तो चूत में ही डाला है।”प्रिया मम्मी हाँफते हुए रोती हुई बोलीं,
“मुझे लगा था गांड में डाल रहे हो… बहुत दर्द हो रहा था…”पापा ने लंड बाहर निकाला। फिर उन्होंने बड़ी मम्मी अनन्या की तरफ इशारा किया। दोनों मम्मियों के बीच कुछ इशारे हुए।
अनन्या मम्मी ने प्रिया मम्मी को प्यार से लिटाया और उनके ऊपर लेट गईं। अब दोनों मम्मियाँ एक-दूसरे के ऊपर-नीचे थीं। वे दोनों एक-दूसरे के बड़े-बड़े स्तनों को चूसने लगीं। अनन्या मम्मी प्रिया मम्मी के निप्पल को जोर से चूस रही थीं, काट रही थीं। प्रिया मम्मी भी अनन्या मम्मी के स्तनों को मुंह में भरकर चूस रही थीं। दोनों की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।
थोड़ी देर बाद अनन्या मम्मी नीचे सरकीं और प्रिया मम्मी की चूत चाटने लगीं। उनकी जीभ प्रिया मम्मी की क्लिटोरिस पर घूम रही थी, अंदर घुस रही थी। प्रिया मम्मी आह्ह्ह… उफ्फ… करती हुई कमर उठा रही थीं।
“आह्ह्ह… अनन्या… बहुत अच्छा लग रहा है… हाँ… चाटो… और जोर से…”
अनन्या मम्मी ने प्रिया मम्मी को बहुत गर्म कर दिया। प्रिया मम्मी अब पूरी तरह तैयार थीं।
प्रिया मम्मी ने हाँफते हुए कहा, “पापा… अब डाल दो… मैं तैयार हूँ।”
पापा मुस्कुराए और बोले,
“पहले गांड में… फिर चूत में।”प्रिया मम्मी घबरा गईं, “नहीं जी… गांड में बहुत दर्द होता है… प्लीज नहीं…”
पापा ने कहा, “कोई बात नहीं। बाद में मत बोलना।”
अनन्या मम्मी ने पापा को देखकर कहा, “मेरी गांड मार लो पहले… मेरी तो सुहागरात के बाद ही सील टूट गई थी। उसके बाद भी आपने कई बार मारी है। आज भी मार लो।”
पापा ने अनन्या मम्मी को उल्टा लिटाया। उनकी गोल-मोटी गांड ऊपर थी। पापा ने lubricant लगाया, लेकिन ज्यादा नहीं। फिर उन्होंने अपना 12 इंच का मोटा लंड उनकी गांड पर रखा और एक ही जोरदार झटके में पूरा का पूरा अंदर ठेल दिया।
“आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! मार डाला!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई मेरी गांड!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! निकालो प्लीज!!! आह्ह्ह्ह्ह!!!”
अनन्या मम्मी की तेज चीख निकली। उनका पूरा शरीर ऐंठ गया। वे जोर-जोर से रोने लगीं। लेकिन पापा ने उनकी कमर कसकर पकड़ ली और बिना रुके जोर-जोर से गांड चोदने लगे।
“आह्ह्ह्ह!!! धीरे… आह्ह्ह्ह!!! बहुत तेज है… फाड़ दोगे मुझे!!!”
पहले कुछ मिनट अनन्या मम्मी बहुत चीखीं और रोईं, लेकिन धीरे-धीरे दर्द के साथ मजा भी आने लगा। उनकी चीखें अब “हाँ… हाँ… और तेज… चोदो मेरी गांड…” में बदल गईं।
पापा बेरहमी से उनकी गांड मार रहे थे। हर झटके पर उनकी गोल गांड हिल रही थी।
मैं यह सब देखकर फिर से गर्म हो गई थी…
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