मामी की एनिवर्सिरी 7
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डिनर आ गया था। दोनों ने साथ में खाना शुरू किया। प्रिया मामी बहुत प्यार से खिला रही थीं। बीच-बीच में वे मेरे प्लेट में चिकन, रोटी डाल रही थीं।
जब मैं थोड़ा ध्यान नहीं दे रहा था, तब उन्होंने Men Power Tablet 100mg को तोड़कर मेरे खाने में मिला दिया और अच्छे से मिला दिया। मैंने कुछ नहीं noticed किया।
हम दोनों ने खाना खत्म किया। मामी ने मुझे मीठा मुस्कुराते हुए पानी पिलाया और बोलीं, “अब आराम से बैठो।”
लगभग 20-25 मिनट बाद मेरे शरीर में कुछ अजीब होने लगा।
पहले तो शरीर में गर्मी महसूस होने लगी। चेहरा गर्म हो गया। फिर मेरे लंड में अचानक खून का जोरदार रश आया। वह पत्थर की तरह सख्त और लोहे जैसा तन गया। नसें उभर आईं, सिरा फूल गया। शॉर्ट्स के अंदर इतना दबाव हो रहा था कि लग रहा था फट जाएगा।
मेरा पूरा शरीर गर्मी से तप रहा था। साँसें तेज हो गईं। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। आँखों के सामने हल्का चक्कर सा आ रहा था, लेकिन नीचे की तरफ भयंकर भूख जाग गई थी।
प्रिया मामी मेरे चेहरे को देखकर मुस्कुराईं। वे जानती थीं कि टैबलेट का असर शुरू हो गया है।
मैं एकदम से उठा और उन पर टूट पड़ा।
“मामी… अब नहीं रुक सकता…”
मैंने उन्हें जोर से बिस्तर पर धकेल दिया। उनकी नाइट सूट को एक झटके में ऊपर कर दिया और पैंटी को खींचकर फाड़ दिया। प्रिया मामी चौंक गईं, लेकिन उनकी आँखों में उत्तेजना थी।
मैंने तुरंत नया dotted condom लगाया, lubricant लगाया और उनके पैर फैलाकर missionary पोजीशन में चढ़ गया।
एक ही जोरदार झटका!
“आआआआह्ह्ह्ह्ह!!! राज!!! धीरे!!! आह्ह्ह्ह!!! पूरा घुस गया!!!”
9 इंच का पूरा मोटा लंड एक ही झटके में उनकी चूत के अंदर चला गया। प्रिया मामी जोर से चीख पड़ीं। उनकी टाँगें काँपने लगीं।
लेकिन मैं रुका नहीं। टैबलेट का जोरदार असर था। मैं पागलों की तरह जोर-जोर से चोदने लगा।
धप्प्… धप्प्… धप्प्… धप्प्…
बहुत तेज, बहुत गहरे और बहुत जोरदार झटके। हर झटके पर पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से एकदम गहरे तक ठेल देता।
“आह्ह्ह्ह!!! राज!!! बहुत तेज है!!! आह्ह्ह्ह!!! फाड़ दोगे मुझे!!! हाँ… हाँ… और तेज… baby और तेज!!!”
प्रिया मामी चीख रही थीं, लेकिन उनकी गांड ऊपर उठ-उठकर मेरे झटकों का जवाब दे रही थी। उनके बड़े स्तन जोर-जोर से उछल रहे थे। मैंने एक स्तन मुंह में ले लिया और जोर से चूसते हुए चोदता रहा।
मैंने उनकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और और भी गहराई से चोदने लगा। अब हर झटका उनकी चूत के सबसे अंदर तक जा रहा था।
“आह्ह्ह्ह!!! हाँ… इसी तरह… फाड़ दो… 10 दिन का इंतजार पूरा कर दो… आह्ह्ह्ह!!! राज तुम आज बहुत जोर से चोद रहे हो… मुझे बहुत मजा आ रहा है!!!”
मैं पागलों की तरह 15-20 मिनट तक लगातार उन्हें चोदता रहा। टैबलेट की वजह से मेरी स्टैमिना बहुत बढ़ गई थी। प्रिया मामी दो बार झड़ चुकी थीं, लेकिन मैं अभी भी नहीं रुका था।
आखिर में मेरी भी हद आ गई।
“मामी… आ रहा है… बहुत तेज!!!”
“हाँ baby… भर दो मुझे… पूरा निकाल दो… आह्ह्ह्ह!!!”
मैंने आखिरी जोरदार झटके मारे और condom के अंदर गर्म वीर्य की मोटी धारें छोड़ने लगा। इतना ज्यादा निकला कि condom फटने की कगार पर था।
प्रिया मामी भी मेरे साथ ही तीसरी बार झड़ गईं। उनका पूरा शरीर झड़झड़ा रहा था।
दोनों थककर बिस्तर पर लेट गए। प्रिया मामी मेरी छाती पर सिर रखकर हाँफ रही थीं। उनकी चूत बुरी तरह सूजी हुई थी और अभी भी काँप रही थी।
वे थकी हुई आवाज में बोलीं, “राज… आज तुमने मुझे पूरी तरह थका दिया… लेकिन बहुत मजा आया। टैबलेट का असर जबरदस्त था…”
रात के 11 बज चुके थे। टैबलेट का असर अब पूरी तरह चरम पर था। मेरा लंड बार-बार सख्त हो रहा था। प्रिया मामी को भी पता था कि आज रात आसानी से नहीं छूटने वाली।
पहला राउंड (Missionary → Doggy)
मैंने उन्हें फिर से missionary में लिटाया और जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। 10-12 मिनट तक तेज झटके मारने के बाद मैंने उन्हें doggy में घुमा दिया। उनकी गांड ऊपर थी, मैंने कमर पकड़कर पूरी ताकत से चोदा।
“आह्ह्ह्ह!!! राज… बहुत तेज है… आह्ह्ह्ह!!! फाड़ दोगे मुझे!!!”
लगभग 18 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था। मैंने लंड निकाला, condom उतारा और प्रिया मामी के मुँह के सामने रख दिया।
“पी लो Wife…”
वे शर्मा रही थीं, लेकिन मैंने उनके बाल पकड़कर लंड उनके मुँह में डाल दिया। गर्म-गर्म वीर्य की मोटी धारें उनके मुंह में छूटने लगीं। उन्होंने आँखें बंद करके पूरा वीर्य निगल लिया। कुछ बूँदें उनके होंठों और ठोड़ी पर गिर गईं, जिन्हें उन्होंने अपनी उंगली से चाट लिया।
दूसरा राउंड (Cowgirl)
थोड़ी देर आराम के बाद मामी खुद मेरे ऊपर चढ़ गईं। उन्होंने नया condom लगाया और मेरे लंड पर बैठ गईं। वे ऊपर-नीचे उछल-उछलकर चुदाई कर रही थीं। उनके बड़े स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे। मैं नीचे से उनके स्तनों को मसल रहा था।
इस राउंड में वे दो बार झड़ गईं। आखिर में जब मैं झड़ा तो मैंने condom उतारा और उनका पूरा वीर्य उनके दोनों स्तनों पर उड़ेल दिया। सफेद मोटा वीर्य उनके गुलाबी निप्पल्स और भरे हुए स्तनों पर फैल गया। मामी ने खुद अपने स्तनों को दबाकर वीर्य को मला और मुस्कुराईं।
तीसरा राउंड (Deep Missionary)
रात के 2:30 बज चुके थे। टैबलेट का असर अभी भी था। मैंने उन्हें missionary में लिटाया, उनकी टाँगें कंधों पर रखीं और बहुत गहराई से चोदने लगा।
इस बार मैं बहुत wild हो गया था। जोर-जोर से झटके मार रहा था। प्रिया मामी चीख रही थीं — “आह्ह्ह!!! धीरे… राज… बहुत गहरा जा रहा है… आह्ह्ह!!! फट जाएगी!!!”
लेकिन मैं रुका नहीं। लगभग 15 मिनट तेज चुदाई के बाद अचानक —
फट्!
Condom फट गया। मेरा पूरा गर्म वीर्य बिना रुके उनकी चूत के अंदर छूटने लगा।
“आआआह्ह्ह्ह्ह!!! राज!!! condom फट गया… निकालो… आह्ह्ह्ह!!! अंदर जा रहा है… बहुत गर्म है!!!”
प्रिया मामी घबरा गईं और रोने लगीं। उनके आँखों से आँसू बहने लगे। “राज… क्या कर दिया… सब अंदर चला गया… मैं प्रेग्नेंट हो गई तो…”
वे रो रही थीं, लेकिन उनका शरीर अभी भी मेरे नीचे काँप रहा था। मैंने आखिरी झटके देकर पूरा वीर्य उनकी चूत में भर दिया।
जब मैं निकला तो उनकी चूत से सफेद वीर्य की मोटी धार बाहर निकल रही थी। मामी रोते हुए उठीं और बाथरूम गईं। उन्होंने अपनी चूत को अच्छे से साफ किया।
वापस आकर वे बेड पर लेट गईं और रोते हुए बोलीं, “कल सुबह पहले टैबलेट लाना… emergency pill…”
मैंने उन्हें गले लगाया और बोला, “ठीक है मामी… कल सुबह ले आएंगे। अब सो जाओ।”
प्रिया मामी मेरी बाहों में आकर लेट गईं। उनका पूरा शरीर थका हुआ था, चूत सूजी हुई थी, लेकिन चेहरे पर एक अजीब सी संतुष्टि भी थी।
दोनों थककर गहरी नींद में सो गए।
सुबह के 8 बजे थे। सूरज की हल्की रोशनी कमरे में आ रही थी। प्रिया मामी मेरी छाती पर सिर रखकर सो रही थीं। मैं जाग गया तो मेरा लंड फिर से सख्त हो चुका था।
मैंने मामी को हल्का हिलाया। वे आँखें खोलकर मुस्कुराईं और नीचे देखा। फिर बिना कुछ कहे वे नीचे सरक गईं और मेरे शॉर्ट्स उतार दिए।
प्रिया मामी ने मेरे 9 इंच के लंड को हाथ में पकड़ा, ऊपर-नीचे सहलाया और फिर मुंह में ले लिया। सुबह की पहली सुहागरात जैसी चूसाई शुरू हो गई। वे धीरे-धीरे, गहरी चूस रही थीं, कभी जीभ से पूरा चाट रही थीं, कभी गले तक ले जा रही थीं।
“मम्म्म… राज… सुबह का लंड बहुत स्वादिष्ट होता है…” कहते हुए वे 10 मिनट तक लगातार चूसती रहीं।
फिर मैंने उन्हें missionary पोजीशन में लिटाया और एक राउंड जोरदार चोदा। इस बार 12-13 मिनट तक चला। मामी चीखती रहीं, “हाँ राज… और तेज… सुबह-सुबह अच्छा लग रहा है…”
राउंड खत्म होने के बाद हम दोनों थक गए।
मामी ने कहा, “Zomato से ब्रेकफास्ट मँगवा लो और emergency pill भी।”
मैंने ऑर्डर किया। ब्रेकफास्ट और दवा दोनों आ गए। मामी ने चुपचाप emergency pill खा ली और पानी पी लिया।
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दूसरा राउंड — गांड चुदाई (जबरदस्ती)
थोड़ी देर बाद मैंने मामी को प्यार से गले लगाया और बोला, “मामी, अब एक बार गांड में ट्राई करें? बहुत प्यार से करूँगा, दर्द नहीं होगा।”
प्रिया मामी ने तुरंत मना कर दिया, “नहीं राज… गांड में बहुत दर्द होता है… मैं नहीं कर सकती।”
लेकिन मैंने जिद की। मैंने उन्हें प्यार से मनाया, “बस एक बार… अगर दर्द हो तो तुरंत निकाल लूँगा। प्लीज… मैं बहुत चाहता हूँ।”
आखिरकार वे मान गईं, लेकिन बहुत डरी हुई थीं।
मैंने उन्हें doggy style में कर दिया। उनकी गोल-मोटी गांड ऊपर थी। मैंने lubricant खूब लगाया, अपनी उँगलियाँ अंदर डालीं, लेकिन फिर मैंने झूठ बोल दिया —
“मामी, मैं सिर्फ आधा ही डालूँगा… पूरा नहीं डालूँगा, वादा है।”
मामी ने हामी भर दी।
जैसे ही उन्होंने relax किया, मैंने अपना पूरा 9 इंच का लंड उनकी गांड पर रखा और एक ही जोरदार झटके में पूरा का पूरा अंदर ठेल दिया।
“आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!! राज!!! निकालो!!! मार डाला!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई मेरी गांड!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! आआह्ह्ह्ह्ह!!!”
प्रिया मामी की एक भयानक चीख निकली। उनका पूरा शरीर ऐंठ गया। वे जोर-जोर से रोने लगीं, सिर इधर-उधर हिला रही थीं, हाथों से बिस्तर पकड़कर खींच रही थीं।
“प्लीज निकालो राज… मैं सह नहीं पा रही… बहुत जलन हो रही है… आह्ह्ह्ह!!! फट गई… मर जाऊँगी!!! रो रही हूँ… प्लीज… आह्ह्ह्ह!!!”
उनकी आँखों से आँसू की धार बह रही थी। लेकिन मैंने उनकी कमर को लोहे की तरह पकड़ रखा था और पूरा 9 इंच अंदर-बाहर करने लगा।
धप्प्… धप्प्… धप्प्…
“आआह्ह्ह्ह!!! बस करो… बहुत दर्द हो रहा है… राज प्लीज… मैं रो रही हूँ… आह्ह्ह्ह!!! निकाल दो… मैं मर जाऊँगी!!!”
वे लगातार रो रही थीं, चीख रही थीं, लेकिन मैं नहीं रुका। टैबलेट का असर और मेरी भूख दोनों बहुत ज्यादा थे। मैं उनकी गांड को जोर-जोर से चोदता रहा। हर झटके पर उनकी गांड का टाइट छेद बुरी तरह फैल रहा था।
5-6 मिनट बाद उनकी चीखें थोड़ी कम हुईं, लेकिन वे अभी भी रो रही थीं। फिर धीरे-धीरे दर्द के साथ-साथ उन्हें भी कुछ मजा आने लगा।
मैंने उनकी कमर पकड़कर और तेज चोदा। आखिर में मैंने पूरा लंड अंदर दबाकर जोर से झड़ दिया — बिना condom के, सीधे उनकी गांड के अंदर।
जब मैं निकाला तो उनकी गांड से मेरा गर्म वीर्य बाहर निकल रहा था। गांड का छेद लाल और सूजा हुआ था।
प्रिया मामी बिस्तर पर पड़ी हुई रो रही थीं। उनका पूरा शरीर काँप रहा था। वे फफक-फफककर रो रही थीं।
मैंने उन्हें गले लगाया, लेकिन वे मेरी छाती पर मुंह छिपाकर रोती रहीं।
7 दिन बीत गए।
इन 7 दिनों में राज ने प्रिया मामी को बार-बार, जबरदस्ती और बिना रुके चोदा। सुबह, दोपहर, शाम और आधी रात को भी। टैबलेट की मदद से राज का लंड बार-बार सख्त हो जाता और वह घंटों तक चोदता रहता।
मामी की गांड इतनी बार मारी गई कि वह सूजकर मोटी और भारी हो गई। बैठने में भी उन्हें दर्द होता। उनकी चूत भी लगातार चुदाई से लाल और सूजी रहती। स्तन भी बार-बार जोरदार मसलने और चूसने से और भरे-भरे, बड़े और संवेदनशील हो गए थे। निप्पल हमेशा सख्त रहते।
राज ने उन्हें हर पोजीशन में चोदा — missionary, doggy, cowgirl, standing, 69, और कई बार तो एक ही रात में 3-4 राउंड। कभी-कभी मामी रोतीं, मना करतीं, लेकिन राज नहीं रुकता। आखिरकार वे भी मजा लेने लगीं।
7वें दिन शाम को अमित मामा वापस आए।
राज ने दरवाजा खोला। अमित मामा ने मुस्कुराते हुए पूछा,
“क्या राज, अपनी मामी का अच्छे से ध्यान रखा था ना इन 7 दिनों में?”
राज ने शर्माते हुए सिर हिलाया।
तभी प्रिया मामी अंदर से आईं। उनका चेहरा थोड़ा थका हुआ था, लेकिन शरीर में एक नई चमक थी। स्तन और भी भरे हुए लग रहे थे, कमर के नीचे का हिस्सा थोड़ा भारी हो गया था।
अमित मामा ने पूछा, “प्रिया, राज ने तुम्हारा ध्यान रखा था ना?”
प्रिया मामी राज की तरफ देखकर मुस्कुराईं और धीरे से बोलीं,
“बहुत… बहुत अच्छे से रखा था जी।”
अमित मामा खुश हो गए और बोले, “बहुत अच्छा। अब मैं आ गया हूँ। आज रात हम अपनी pending anniversary मनाएंगे। प्रिया, तैयार रहना। आज मैं तुम्हें अच्छे से चोदूँगा।”
रात को अमित मामा ने प्रिया मामी को जोरदार चोदा। मामी चीखीं, कराहीं, लेकिन पूरी रात मामा के साथ रहीं।
सुबह होते ही राज को विदा कर दिया गया।
प्रिया मामी दरवाजे तक आईं और राज के कान में फुसफुसाईं,
“7 दिन बहुत याद रहेंगे… जाकर भी कभी-कभी याद कर लिया करो।”
राज मुस्कुराते हुए चला गया।
कहानी समाप्त।
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