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सुहागरात और हनीमून

पापा और मेरी सुहागरात मालदीव्स में 6

· Online Admin

रात भर मैं सो नहीं पाई। बार-बार ग्लास वॉल से झाँकती रही। तीनों गहरी नींद में सो रहे थे। पापा दोनों मम्मियों को अपनी बाहों में लिए हुए थे। कमरे में अभी भी हल्की candles की रोशनी बाकी थी।

सुबह होने वाली थी। मैं जानती थी कि पापा ने प्लान बनाया है — सुबह balcony में दोनों मम्मियों को चोदना। मुझे ये बिल्कुल पसंद नहीं था। मैंने मन में ठान लिया — “मुझे बस उनका प्लान खराब करना है।”

सुबह 6:30 बजे मैं जानबूझकर उठ गई। मैंने एक छोटा सा शॉर्ट्स और टॉप पहना, जिसमें मेरे स्तन आधे बाहर दिख रहे थे। फिर मैंने अपना रूम का दरवाजा खोला और जानबूझकर जोर से आवाज की।

“पापा…! मम्मी…! उठिए ना… बाहर समुद्र बहुत सुंदर लग रहा है।”

मैं जानबूझकर उनके रूम के पास गई और दरवाजा हल्का-हल्का खटखटाया।

अंदर से पापा की नींद टूटी। उन्होंने अनन्या मम्मी और प्रिया मम्मी को हिलाया। तीनों की नींद खुल गई। पापा ने झुंझलाते हुए कहा, “जिया… इतनी सुबह क्या हो गया?”

मैंने innocent स्वर में कहा,
“पापा, बाहर balcony में coffee पीते हैं ना? समुद्र देखने का बहुत मन कर रहा है। प्लीज उठिए ना… मैं अकेली घूमना नहीं चाहती।”

पापा ने दोनों मम्मियों की तरफ देखा। दोनों की आँखों में frustration साफ दिख रहा था। वे सुबह-सुबह balcony में चुदाई का प्लान बना रहे थे, लेकिन मैं उनके बीच में आ गई थी।

अनन्या मम्मी ने थकी हुई आवाज में कहा,
“जिया बेटा… थोड़ा और सो लेते… रात को देर हो गई थी।”

मैंने तुरंत जवाब दिया,
“नहीं मम्मी, मैं अकेली नहीं घूम सकती। पापा ने कहा था ना कि हम साथ रहेंगे। प्लीज… उठिए ना।”

पापा ने मजबूरन कहा, “ठीक है… उठते हैं।”

तीनों को उठना पड़ा। उनका प्लान पूरी तरह खराब हो गया। वे तीनों थके हुए और नाराज़ दिख रहे थे। प्रिया मम्मी ने मुझे देखकर हल्के से मुस्कुराने की कोशिश की, लेकिन उनकी आँखों में गुस्सा था।

मैं मन ही मन बहुत खुश थी।
“मेरा प्लान काम कर गया… आज सुबह उनका celebration नहीं होने वाला।”

हम चारों balcony में coffee पीने बैठ गए। समुद्र की सुंदर सुबह थी, लेकिन तीनों का मूड खराब था। पापा बार-बार दोनों मम्मियों की तरफ देख रहे थे, लेकिन मेरी वजह से कुछ नहीं कर पा रहे थे।

मैंने जानबूझकर बातें शुरू कर दीं —
“पापा, आज हम कहाँ घूमने जाएंगे? मुझे पूरा दिन आपके साथ घूमना है।”

तीनों चुपचाप सुन रहे थे। उनका प्लान पूरी तरह बिगड़ चुका था।

मैं अपने रूम में आकर लेट गई। थोड़ी देर सोंचती रही, फिर सने का नाटक करती हुई आँखें बंद कर लीं।

लगभग 15-20 मिनट बाद मैंने हल्की आवाज सुनी। मैंने पर्दा थोड़ा सा हटाकर देखा।

पापा और बड़ी मम्मी अनन्या balcony में थे। पापा का mood बहुत खराब था। उन्होंने अनन्या मम्मी को बालकनी की रेलिंग पर झुका दिया। अनन्या मम्मी की ऊपरी बॉडी बाहर की तरफ झुकी हुई थी, उनकी गांड पापा की तरफ थी।

पापा ने गुस्से में कहा,
“जिया के चक्कर में आज सुबह का प्लान खराब हो गया।”

बिना कोई और बात किए उन्होंने अनन्या मम्मी की पैंटी नीचे सरका दी। उनकी सूजी हुई गांड बाहर थी। पापा ने लंड पर थूक लगाया और बिना lubricant के ही एक जोरदार झटके में आधा लंड गांड में ठेल दिया।

“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! धीरे!!! आह्ह्ह्ह!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! फट गई मेरी गांड!!! आह्ह्ह्ह्ह!!!”

अनन्या मम्मी जोर से चीख पड़ीं। उनकी आँखों से आँसू निकल आए। पापा ने उनकी कमर को कसकर पकड़ लिया और बिना रुके पूरा 12 इंच का मोटा लंड उनकी गांड में ठेल दिया।

“चुप रह… आज तुझे अच्छे से चोदूँगा… जिया के वजह से हमारा सुबह का मजा खराब हुआ…” पापा गरज रहे थे।

वे बेरहमी से अनन्या मम्मी की गांड मारने लगे। हर झटका बहुत तेज और गहरा था। अनन्या मम्मी की चीखें लगातार निकल रही थीं —

“आह्ह्ह्ह!!! बहुत तेज है… आह्ह्ह्ह!!! मार डाला… मेरी गांड फट गई… प्लीज धीरे… आह्ह्ह्ह!!! दर्द हो रहा है… बहुत दर्द!!!”

लेकिन पापा का mood खराब था। वे और भी जोर से चोद रहे थे। उनकी कमर अनन्या मम्मी की गांड से जोर-जोर से टकरा रही थी। “धप्प्… धप्प्… धप्प्…” की आवाजें balcony में गूँज रही थीं।

अनन्या मम्मी रो रही थीं, लेकिन धीरे-धीरे उनकी चीखें मजा भरी होने लगीं।

“आह्ह्ह्ह!!! हाँ… अब अच्छा लग रहा है… और तेज… चोदो मेरी गांड… आह्ह्ह्ह!!! जोर से… फाड़ दो!!!”

पापा ने उनकी कमर पकड़कर 50 मिनट तक लगातार बेरहमी से गांड मारी। अनन्या मम्मी कई बार चीखकर झड़ चुकी थीं। उनकी टाँगें काँप रही थीं, लेकिन पापा नहीं रुक रहे थे।

आखिर में पापा ने हाँफते हुए कहा,
“आ रहा है…”

उन्होंने पूरा लंड गहराई तक दबाया और अपनी चूत के अंदर पूरा गर्म वीर्य उड़ेल दिया। इतना ज्यादा निकला कि अनन्या मम्मी की गांड से वीर्य बाहर रिसने लगा।

अनन्या मम्मी रोते हुए बोलीं,
“बहुत दर्द हो रहा है… लेकिन बहुत मजा भी आया…”

पापा ने लंड निकाला और थककर बालकनी की कुर्सी पर बैठ गए। अनन्या मम्मी भी वहीं लेट गईं, उनकी गांड बुरी तरह सूजी हुई थी।

मैं सब देख रही थी। मेरी चूत फिर से गीली हो गई थी…

“अनन्या, तुम room clean करवाओ और नाश्ता मँगवाओ।”

फिर पापा ने प्रिया मम्मी की तरफ देखकर कहा,
“नाश्ते के बाद तुम्हारी गांड की सील टूटेगी। और अगर तुम दोनों को प्रेग्नेंट नहीं होना है तो मैं दूसरी शादी कर लूँगा। अब जिया की भी शादी करवा देनी है।”

दोनों मम्मियाँ एक साथ बोलीं,
“हाँ जी… आपकी जैसी इच्छा।”

नाश्ता आ गया। दोनों मम्मियों ने बिकिनी पहन ली। पापा ने मुझे अपने रूम में बुलाया। थोड़ी देर सामान्य बातें हुईं। फिर पापा ने अचानक कहा,
“जिया, अब तुम बड़ी हो गई हो। तुम्हारी भी शादी करवा देते हैं।”

मैं चुप रही। कुछ नहीं बोली।

पापा ने फिर कहा,
“तुम तैयार हो जाओ। आज शाम को ही घर निकलना है। हम जल्दी आएंगे।”

नाश्ता खत्म होने के बाद मैं अपने रूम में आ गई।

उनके रूम में

पापा ने प्रिया मम्मी को पूरी तरह नंगा कर दिया। प्रिया मम्मी डरी हुई थीं। पापा ने lubricant की बोतल ली और उनकी गांड पर अच्छे से लगाया। फिर उन्होंने प्रिया मम्मी को गोदी बनाकर खड़ा किया — उनकी पीठ पापा की तरफ, टाँगें फैली हुईं।

पापा ने अपना 12 इंच का मोटा, सख्त लंड प्रिया मम्मी की गांड के छेद पर रखा।

एक ही जोरदार झटका!

“आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! निकालो!!! मार डाला!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! मेरी गांड फट गई!!! प्लीज निकालो!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! बचाओ मुझे!!!”

प्रिया मम्मी की भयानक चीख मेरे रूम तक आ गई। उनका पूरा शरीर ऐंठ गया। पापा का पूरा मोटा लंड एक झटके में उनकी गांड में घुस गया था। प्रिया मम्मी रोने लगीं, चीखने लगीं, सिर इधर-उधर हिला रही थीं।

“आह्ह्ह्ह!!! बहुत जलन हो रही है… फट गई… खून निकल रहा है!!! प्लीज निकालो… मैं मर जाऊँगी!!!”

पापा ने उनकी कमर को लोहे की तरह पकड़ रखा था। वे रुके नहीं। धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर-बाहर करने लगे। हर झटके पर प्रिया मम्मी की चीख और तेज हो जाती। उनकी गांड से हल्का खून निकलकर जाँघों पर बह रहा था।

“आह्ह्ह्ह!!! दर्द हो रहा है… बहुत दर्द… आह्ह्ह्ह!!! मत मारो… प्लीज… आह्ह्ह्ह!!!”

पापा ने उनकी कमर पकड़कर और तेज झटके मारे। प्रिया मम्मी तड़प रही थीं, रो रही थीं, लेकिन पापा बिना रुके उनकी गांड चोद रहे थे।

मैं अपने रूम में खड़ी यह सब देख और सुन रही थी। मेरी चूत फिर से गीली हो गई थी।

पापा ने प्रिया मम्मी को गोदी स्टाइल में खड़ा किया। उनकी पीठ पापा की तरफ थी, दोनों टाँगें फैली हुई थीं। पापा ने lubricant लगाया, लेकिन बहुत कम। फिर अपना 12 इंच का मोटा, सख्त लंड उनकी गांड के छोटे से छेद पर रखा।

प्रिया मम्मी काँप रही थीं।

धड़ाक्क!!!

एक ही जोरदार झटके में पापा ने पूरा लंड उनकी गांड में ठेल दिया।

“आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!! विक्रम!!! निकालो!!! मार डाला रे!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! मेरी गांड फट गई!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! बचाओ मुझे!!! प्लीज निकालो!!!”

प्रिया मम्मी की भयानक चीख पूरे विला में गूँज गई। उनका पूरा शरीर झटके से ऐंठ गया। आँखें फट गईं, मुंह खुला रह गया, आँसू की धार बहने लगी। वे जोर-जोर से रोने लगीं।

“आह्ह्ह्ह!!! बहुत जलन हो रही है… फट गई… खून निकल रहा है!!! प्लीज… प्लीज निकालो… मैं मर जाऊँगी!!! आह्ह्ह्ह्ह!!!”

प्रिया मम्मी तड़प रही थीं। उनके हाथ काँप रहे थे, टाँगें थरथरा रही थीं। पापा ने उनकी कमर को लोहे की तरह पकड़ रखा था और रुके नहीं। उन्होंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

हर झटके पर प्रिया मम्मी की चीख और तेज हो जाती —

“उफ्फ्फ्फ!!! आह्ह्ह्ह!!! धीरे… बहुत तेज दर्द है… आह्ह्ह्ह!!! मेरी गांड फाड़ दी तुमने… रो रही हूँ… प्लीज रुक जाओ… मैं सह नहीं पा रही!!!”

वे लगातार रो रही थीं। आँसू उनके गालों पर बह रहे थे। शरीर पसीने से तर था। लेकिन पापा की रफ्तार बढ़ती जा रही थी। वे अब जोर-जोर से गांड मार रहे थे।

“आआह्ह्ह्ह!!! बस करो… बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह्ह्ह!!! मैं मर जाऊँगी… पापा!!! बचाओ मुझे!!! आह्ह्ह्ह!!!”

प्रिया मम्मी रो-रोकर चीख रही थीं। उनकी गांड का छेद बुरी तरह फैल गया था, हल्का खून lubricant के साथ मिलकर जाँघों पर बह रहा था। वे बार-बार कमर हटाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पापा ने उन्हें मजबूती से पकड़ रखा था।

“रो मत प्रिया… थोड़ी देर में मजा आएगा…” पापा ने कहा और और तेज झटके मारे।

प्रिया मम्मी तड़प-तड़पकर रो रही थीं। उनकी चीखें अब दर्द भरी हो चुकी थीं — “आह्ह्ह्ह!!! बहुत जल रहा है अंदर… निकालो प्लीज… मैं बहुत डर गई हूँ… आह्ह्ह्ह!!! मेरी गांड फट गई है!!!”

लगभग 25-30 मिनट तक पापा बिना रुके उनकी गांड चोदते रहे। प्रिया मम्मी लगातार रोती रहीं, चीखती रहीं, लेकिन धीरे-धीरे दर्द के साथ कुछ मजा भी आने लगा। उनकी चीखें अब “आह्ह्ह… हाँ… आह्ह्ह…” में बदलने लगीं।

आखिर में पापा ने तेजी बढ़ाई और बोले,
“आ रहा है प्रिया…”

उन्होंने पूरा लंड गहराई तक दबाया और अपनी चूत के अंदर पूरा गर्म वीर्य उड़ेल दिया। प्रिया मम्मी काँप उठीं।

जब पापा ने लंड निकाला तो प्रिया मम्मी की गांड से वीर्य और खून की धार बाहर निकल रही थी। गांड का छेद बुरी तरह सूजा और लाल हो गया था।

प्रिया मम्मी बेड पर लेटकर फफक-फफककर रो रही थीं। उनका पूरा शरीर काँप रहा था।

मैं ग्लास के पास खड़ी सब देख रही थी। प्रिया मम्मी की चीखें, रोना और दर्द देखकर मेरी आँखों में आँसू आ गए। डर लग रहा था। मैं सोच रही थी — “ये लोग इतना जोर से कैसे कर सकते हैं… गांड फट गई उनकी…”

थोड़ी देर बाद पापा ने प्रिया मम्मी की गांड से लंड निकाला। प्रिया मम्मी बेड पर लेटकर फफक-फफककर रो रही थीं। उनकी गांड बुरी तरह सूजी और लाल हो गई थी, उसमें से वीर्य और खून मिलकर बह रहा था।

पापा ने कहा, “अब एक और राउंड लोगी?”

अनन्या मम्मी ने कहा, “अभी नहीं… घर जाकर।”

पापा ने हामी भर दी, “ठीक है। अब चुपचाप तैयार हो जाओ।”

वे तीनों कपड़े पहनने लगे। मैंने भी अपना सामान पैक कर लिया।

घर वापसी

हमने टैक्सी बुलाई जो पानी में चलती थी। प्रिया मम्मी बिल्कुल चल नहीं पा रही थीं। पापा उन्हें गोद में उठाकर ले जा रहे थे। उनकी चाल में दर्द साफ दिख रहा था।

जेट में बैठते समय मैंने पूछा, “मम्मी, आपको क्या हुआ?”

प्रिया मम्मी ने शर्माते हुए कहा, “कुछ नहीं बेटा… bathroom में गिर गई थी।”

मैं चुप हो गई।

घर पहुँचने के दो दिन बाद पापा ने मुझे अपने कमरे में बुलाया। टेबल पर 5 लड़कों की फोटो रखी हुई थीं।

पापा बोले, “जिया, इनमें से एक को चुन लो। तुम्हारी शादी करवा देते हैं।”

मैंने फोटो देखी। पापा ने सबकी डिटेल बताई — नाम, बिजनेस, फैमिली, मेडिकल चेकअप रिपोर्ट (सबका लंड 12-13 इंच का था)।

मैंने एक लड़के को पसंद किया — लक्ष। 26 साल, बहुत अमीर परिवार, अच्छा लुक।

पापा और दोनों मम्मियाँ खुश हो गए। पापा बोले,
“परसों तुम्हारी engagement है और अगले हफ्ते शादी। लक्ष बहुत पैसे वाला है।”

मैंने पूछा, “आप दोनों की शादी किसके साथ?”

बड़ी मम्मी अनन्या बोलीं, “तुम्हारे पापा के साथ। तुम दोनों की शादी एक ही दिन होगी।”

मैं चौंक गई।

3 दिन बाद Engagement

Engagement बहुत धूमधाम से हुई। लक्ष बहुत अच्छा लड़का था। हम दोनों बातें करने लगे। Engagement के बाद हम 2 बार café में मिले। वहाँ हम काफी open हो चुके थे। Sex की बातें भी होने लगी थीं।

लक्ष ने कहा, “सुहागरात के दिन मैं तुम्हें बहुत प्यार से लूँगा।”

मैं शर्मा गई, लेकिन अंदर से उत्सुक भी थी।

हमारी और पापा की शादी एक ही जगह हुई — डेस्टिनेशन वेडिंग। लक्ष की फैमिली और पापा के पास पैसों की कोई कमी नहीं थी, इसलिए उन्होंने मालदीव्स के पास एक प्राइवेट आइलैंड पर पूरा इंतजाम कर दिया। पूरा आइलैंड सिर्फ हमारी शादी के लिए बुक था।

पापा ने फोरम नाम की एक 26 साल की सुंदर लड़की के साथ शादी की। फोरम काफी गोरी, slim और आकर्षक थी। पापा ने उसके परिवार को बहुत सारा पैसा दिया था, इसलिए सब कुछ आसानी से हो गया।

शादी बहुत धूमधाम से हुई। मैं लक्ष के साथ, और पापा फोरम के साथ। दोनों जोड़ों की शादी एक ही मंडप में, एक ही समय पर हुई।

सुहागरात

शादी वाले दिन सुहागरात नहीं हुई। रात बहुत थकान थी, मेहमान भी थे, इसलिए तय हुआ कि सुहागरात अगले दिन होगी।

दूसरे दिन

मुझे बहुत इच्छा हो रही थी। लक्ष भी बेसब्र था। लेकिन पापा ने प्लान बना रखा था। उन्होंने कहा,
“आज हम सब Maldives हनीमून पर जा रहे हैं। तुम्हारी और लक्ष की, और मेरी और फोरम की। अनन्या और प्रिया भी हमारे साथ आएंगी।”

हम सब प्राइवेट जेट से Maldives रवाना हो गए।

सफर

जेट में सफर बहुत लग्जरी था। पापा, फोरम, अनन्या मम्मी, प्रिया मम्मी और लक्ष के साथ मैं। पूरा जेट हमारे लिए था। दोनों मम्मियाँ बिकिनी के ऊपर हल्के कपड़े पहने हुए थीं। पापा बीच-बीच में दोनों मम्मियों की जाँघ पर हाथ फेर रहे थे। लक्ष मेरे साथ बैठा था, मेरे हाथ को थामे हुए।

मालदीव्स पहुँचकर हम उसी पुराने ओवरवॉटर विला में गए, जिसे पापा ने फिर से बुक कर लिया था। वही ग्लास वॉल वाला विला।

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