प्रिया मामी मेरे लंड को चूस रही थीं, लेकिन अब वे और ज्यादा naughty हो गई थीं। उन्होंने केक का और टुकड़ा लिया, उसकी ठंडी चॉकलेट क्रीम मेरे पूरे लंड पर लगाई — ऊपर से नीचे तक, सिरे पर खूब सारी।
“आज मैं इसे पूरा स्वीट बनाकर खाऊँगी…” कहते हुए उन्होंने sexy smile दी।
पहली पोजीशन — घुटनों के बल (Normal Blowjob)
प्रिया मामी घुटनों के बल बेड पर बैठ गईं। मैं उनके सामने खड़ा था। उन्होंने दोनों हाथों से मेरे लंड को पकड़ा और चॉकलेट लगे सिरे को मुँह में ले लिया।
“मम्म्म… बहुत स्वादिष्ट है…” कहते हुए वे धीरे-धीरे आगे-पीछे सिर हिलाने लगीं। उनके गर्म, नरम होंठ मेरे मोटे लंड को कसकर चूस रहे थे। वे आधा लंड मुँह में ले लेतीं, फिर बाहर निकालकर जीभ से पूरा चाटतीं। चॉकलेट उनकी जीभ, होंठों और ठोड़ी पर लग गया था, जो और भी sexy लग रहा था।
दूसरी पोजीशन — Lying Down (मैं लेटा, वे ऊपर)
मैं बेड पर पीठ के बल लेट गया। प्रिया मामी मेरे पैरों के बीच में लेट गईं। अब उनका पूरा चेहरा मेरे लंड के सामने था। उन्होंने फिर से चॉकलेट क्रीम लगाई और मुँह में ले लिया। इस पोजीशन में वे गहरी ले जा रही थीं। कभी-कभी लंड पूरा मुँह में लेने की कोशिश करतीं, जिससे उनकी आँखें नम हो जातीं।
“ग्लक… ग्लक… ग्लक…” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं। वे ऊपर-नीचे तेजी से सिर हिला रही थीं। बीच-बीच में लंड को बाहर निकालकर मेरी जाँघों, अंडकोष को भी चाट रही थीं।
तीसरी पोजीशन — 69
“अब तुम भी मुझे दो…” कहकर उन्होंने अपना शरीर घुमाया और 69 पोजीशन में आ गईं। उनकी चूत मेरे मुँह के ठीक ऊपर थी और उनका मुँह मेरे लंड पर।
वे मेरे लंड पर झुकीं और फिर से चूसने लगीं। इस बार वे बहुत तेजी से चूस रही थीं। मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। जितना वे जोर से चूसतीं, मैं भी उनकी चूत को उतनी ही जोर से चूसता। कमरे में दोनों की चूसने और कराहने की आवाजें भर गईं।
चौथी पोजीशन — Sitting on Face (वे मेरे चेहरे पर बैठी)
प्रिया मामी उठीं और मेरे चेहरे पर बैठ गईं (facesitting), लेकिन आगे की तरफ मुँह करके। अब उनकी गांड मेरे चेहरे पर थी और वे आगे झुककर मेरे लंड को चूस रही थीं।
वे मेरे लंड को दोनों हाथों से पकड़कर जोर-जोर से चूस रही थीं। चॉकलेट अब उनकी नाक, गाल और ठोड़ी तक लग चुका था। वे कभी लंड को गले तक ले जा रही थीं, कभी सिर्फ सिरा चूस रही थीं।
“राज… तुम्हारा लंड बहुत स्वादिष्ट है… मैं रात भर चूस सकती हूँ…”
उनकी आवाज भरी हुई और कामुक थी।
मैंने उनकी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर दबाया और उनकी चूत को नीचे से चाटता रहा।
प्रिया मामी अब पूरी तरह गर्म हो चुकी थीं। उनका शरीर पसीने से चमक रहा था। वे बार-बार लंड को मुँह से निकालकर चॉकलेट लगातीं और फिर चूसने लगतीं।
आखिर में वे मेरे ऊपर आकर बैठ गईं, मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर मेरी आँखों में देखते हुए बोलीं,
“राज… अब काफी हो गया foreplay… 9:30 बज गए हैं। अब अपनी Wife की चूत में अपना 9 इंच का लंड डालो… मुझे आज रात फाड़ दो।”
उनकी आँखों में भूख, शर्म और बेसब्री साफ दिख रही थी।
प्रिया मामी मेरे ऊपर बैठी हुई थीं। उनका चेहरा उत्तेजना से लाल था, साँसें तेज चल रही थीं। उन्होंने मेरे लंड को हाथ में पकड़कर धीरे से सहलाया और भरी हुई आवाज में बोलीं,
“राज… मैंने 10 दिन से कुछ नहीं किया है… anniversary celebration के लिए सब रोक रखा था। आज बहुत मन कर रहा है… please… अब डाल दो… लेकिन condom change कर के डालना।”
मैंने तुरंत पुराना condom उतारा और साइड टेबल से Dotted condom का पैकेट लिया। नया dotted condom मेरे 9 इंच के मोटे लंड पर चढ़ाया। फिर lubricant की बोतल उठाई, अच्छे से मेरे लंड पर लगाया और थोड़ा-सा उनकी चूत पर भी फैला दिया।
प्रिया मामी घुटनों के बल हो गईं, अपनी गांड ऊपर उठाकर। उनकी चूत अब पूरी तरह गीली, चमकती और तैयार थी।
“धीरे से शुरू करो राज… लेकिन अंदर डालते ही तेज करना,” उन्होंने हाँफते हुए कहा।
मैंने उनके कंधे पकड़े, लंड की नोक उनकी चूत के मुंह पर रखी और कमर आगे की।
“आह्ह्ह्ह्ह!!! राज… धीरे… स्स्स्स्स…”
पहले 3 इंच घुसते ही मामी की आँखें बंद हो गईं और मुंह खुल गया। dotted condom की वजह से उनके टाइट छेद को खींचने का एहसास और भी तीखा था।
मैंने और आगे धकेला।
4 इंच… 5 इंच…
“उफ्फ्फ्फ… बहुत मोटा है… आह्ह्ह… भर गया अंदर…” मामी कराह रही थीं।
आखिरकार 6 इंच तक मैंने एक ही जोरदार झटके में धकेल दिया।
प्रिया मामी का पूरा शरीर काँप उठा। उनकी चूत मेरे मोटे लंड को कसकर निचोड़ रही थी।
“आआह्ह्ह्ह!!! हाँ… बस यहीं… छह इंच तक… बहुत अच्छा लग रहा है baby… अब तेज… तेज करो…”
उनकी आवाज में दर्द के साथ भरपूर मजा था।
मैंने उनकी कमर को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ लिया और 6 इंच अंदर ही अंदर तेज-तेज झटके देने लगा। हर झटके पर “पच्… पच्… पच्…” की आवाज आने लगी।
प्रिया मामी अब पूरी तरह मस्त हो चुकी थीं। वे अपनी गांड पीछे करके मेरे हर झटके का जवाब दे रही थीं।
“हाँ baby… और तेज… और तेज चोदो… आह्ह्ह्ह… 10 दिन बाद मिल रहा है… फाड़ दो आज… हाँ… इसी तरह… बहुत मजा आ रहा है!!!”
उनके बड़े स्तन नीचे लटककर जोर-जोर से हिल रहे थे। उनकी चूत से lubricant और उनकी चिकनाई मिलकर लंड को और चिकना बना रही थी। हर झटके पर वे “और तेज… baby… और तेज…” चिल्ला रही थीं।
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। 6 इंच तक बार-बार गहरे झटके दे रहा था। प्रिया मामी की सिसकारियाँ अब चीखों में बदल गई थीं, लेकिन दर्द नहीं — सिर्फ शुद्ध आनंद था।
वे बार-बार कह रही थीं,
“हाँ राज… और जोर से… मेरी चूत को फाड़ दो… 10 दिन का इंतजार पूरा कर दो आज… आह्ह्ह्ह!!! बहुत अच्छा लग रहा है baby… मत रुकना…”
उनकी चूत मेरे लंड को अंदर निचोड़ रही थी, जैसे और गहरा लेना चाहती हो। कमरा उनकी चीखों, हमारी चुदाई की आवाजों और रोमांटिक गानों से भर गया था।
प्रिया मामी अब पूरी तरह पागल हो चुकी थीं। उनकी चूत मेरे 6 इंच लंड को कसकर पकड़े हुए थी। वे बार-बार कमर हिला रही थीं और चिल्ला रही थीं, “और तेज… baby… और तेज… आह्ह्ह्ह!!!”
मैंने अचानक अपना पूरा लंड उनकी चूत से बाहर निकाल लिया।
“आआह्ह्ह्ह!!! राज… क्या कर रहे हो… मत निकालो ना… भर दो फिर से…” मामी तड़पते हुए बोलीं। उनकी चूत अब खाली होकर बार-बार सिकुड़ रही थी, जैसे कुछ माँग रही हो। वे अपनी गांड ऊपर-नीचे हिला रही थीं, बहुत बेसब्री से।
“तड़प रही हो ना Wife?” मैंने उनकी गांड पर एक जोरदार थप्पड़ मारते हुए sexy अंदाज में कहा।
“हाँ… बहुत तड़प रही हूँ… प्लीज… अब मत सताओ… डाल दो…” वे कराह रही थीं, उनकी आवाज भरी हुई थी।
मैंने लंड की नोक को उनकी चूत के मुंह पर रखा, थोड़ा रगड़ा, lubricant और उनकी चिकनाई से चमकते लंड को देखा… और फिर —
एक ही जोरदार झटका!
धड़ाक्क!!!
“आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!! मम्मी!!! मार डाला!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! बहुत बड़ा है!!! फट गई मेरी चूत!!! आआह्ह्ह्ह!!!”
प्रिया मामी की एक तेज, लंबी चीख पूरे कमरे में गूँज गई। मेरा पूरा 9 इंच का मोटा लंड एक ही झटके में उनकी चूत के सबसे गहरे हिस्से तक धंस गया। उनकी टाइट चूत बुरी तरह फैल गई थी। उनके पूरे शरीर में झुर्रियाँ पड़ गईं, आँखें फट गईं, मुंह खुला रह गया।
“उफ्फ्फ्फ!!! राज… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो… प्लीज… आह्ह्ह्ह!!! पूरा घुस गया… फाड़ दिया मुझे!!!”
वे जोर-जोर से चीख रही थीं, रो रही थीं, लेकिन मैंने उनकी कमर को दोनों हाथों से लोहे की तरह पकड़ रखा था।
मैं रुका नहीं।
तुरंत जोर-जोर से तेज-तेज झटके मारने लगा — पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से एक ही झटके में पूरा घुसा देता।
धप्प्… धप्प्… धप्प्… धप्प्…
“आआह्ह्ह्ह!!! बस करो… बहुत तेज है… आह्ह्ह्ह!!! मैं मर जाऊँगी… राज प्लीज धीरे… आह्ह्ह्ह!!! हाँ… हाँ… और तेज… और तेज!!! फाड़ दो मेरी चूत आज!!!”
प्रिया मामी की चीखें और सिसकारियाँ अब एक-दूसरे में घुल गई थीं। कभी दर्द की चीख, कभी मजा भरी चीख। उनकी आँखों से आँसू निकल आए थे, लेकिन उनकी गांड मेरे हर झटके के साथ पीछे की तरफ उठ रही थी।
मैं और भी तेज हो गया। अब हर झटके में पूरा 9 इंच अंदर-बाहर हो रहा था। dotted condom की वजह से उनके चूत के दीवारों को खींचने का एहसास और भी तीखा था।
“हाँ baby… इसी तरह… जोर से… चोदो मुझे… 10 दिन का हिसाब आज पूरा कर दो… आह्ह्ह्ह!!! बहुत मजा आ रहा है… मत रुकना… और तेज!!!”
उनकी चूत अब पूरी तरह मेरे लंड की आदी हो चुकी थी। हर झटके पर “पच्… पच्… पच्…” की तेज आवाजें आ रही थीं। उनकी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी, बड़े स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे।
मैं उनकी कमर पकड़कर लगातार जोरदार चोद रहा था। प्रिया मामी अब पूरी तरह पागल होकर चीख रही थीं — दर्द और मजा दोनों का मिला-जुला आनंद लेते हुए।
—
मैंने प्रिया मामी की कमर पकड़कर उन्हें जोर से उलट दिया। अब वे मेरे नीचे missionary पोजीशन में लेट गईं। उनके दोनों पैर मैंने अपने कंधों पर रख दिए, जिससे उनकी चूत पूरी तरह खुल गई और मेरे लंड के लिए आसान हो गई।
“आज मैं तुम्हें इस पोजीशन में चोदकर देखना चाहता हूँ Wife…” कहते हुए मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा।
“आआह्ह्ह्ह!!! राज… गहरा चला गया… आह्ह्ह्ह!!! पूरा भर गया अंदर!!!”
9 इंच का पूरा लंड एक बार फिर उनकी चूत में घुस गया। इस पोजीशन में गहराई और भी ज्यादा थी। मैंने उनकी दोनों जाँघों को पकड़कर तेज-तेज झटके मारने शुरू कर दिए।
धप्प्… धप्प्… धप्प्… धप्प्…
हर झटके पर उनके बड़े स्तन जोर-जोर से उछल रहे थे। प्रिया मामी मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थीं और लगातार चीख रही थीं —
“हाँ… हाँ… इसी तरह… बहुत गहरा जा रहा है… आह्ह्ह्ह!!! फाड़ दो मेरी चूत… baby… और तेज… और तेज!!!”
मैंने रफ्तार बढ़ा दी। अब मैं पूरी ताकत से उन्हें चोद रहा था। हर झटके में मेरा पेट उनकी नाभि से टकरा रहा था। dotted condom की वजह से उनके चूत की दीवारें और भी ज्यादा खिंच रही थीं।
थोड़ी देर बाद उनकी सिसकारियाँ बदलने लगीं। उनकी आँखें बंद हो गईं, मुंह खुला रह गया, शरीर तनने लगा।
“राज… कुछ हो रहा है… आह्ह्ह्ह!!! बहुत तेज… मत रुकना… मैं आने वाली हूँ… आह्ह्ह्ह!!! हाँ… हाँ… बस… बस… आ गया!!!”
प्रिया मामी का पूरा शरीर अचानक सख्त हो गया। उनकी चूत मेरे लंड को जोर-जोर से निचोड़ने लगी। वे जोर से चीखीं —
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! आ गया… आ गया baby… मैं झड़ रही हूँ… आह्ह्ह्ह्ह!!! बहुत मजा आ रहा है… हाँ… हाँ… हाँ!!!”
उनका पहला ऑर्गेज्म बहुत तेज था। उनका पूरा शरीर झड़झड़ा रहा था, चूत से गर्म चिकनाई मेरे लंड और जाँघों पर बह रही थी। वे लगातार काँप रही थीं, आँखें उलटी हो गई थीं, मुंह से लार निकल रही थी। मैंने उनके स्तनों को जोर से दबाते हुए झटके जारी रखे, जिससे उनका ऑर्गेज्म और लंबा चला।
लगभग 20-25 सेकंड तक वे झड़ती रहीं। आखिर में थककर उनकी टाँगें ढीली पड़ गईं।
लेकिन मैं अभी रुका नहीं।
मैंने उनकी टाँगें और फैला दीं और और तेज झटके मारने लगा। अब मेरी भी साँसें फूल चुकी थीं।
“मामी… मैं भी आने वाला हूँ…”
प्रिया मामी ने हाँफते हुए कहा, “हाँ baby… मुझे भर दो… अपना पूरा पानी निकाल दो… आह्ह्ह… तेज… तेज!!!”
मैंने आखिरी 30 सेकंड और तेजी से चोदा। आखिर में मेरे अंडकोष सिकुड़े और —
“आह्ह्ह्ह!!! आ रहा है…!!!”
मेरा लंड उनके अंदर फट पड़ा। गर्म-गर्म वीर्य की मोटी-मोटी धारें dotted condom के अंदर जोर-जोर से छूटने लगीं। मैंने पूरा लंड गहराई तक दबाकर कई बार झटके दिए और सारा पानी condom में भर दिया।
प्रिया मामी मेरी पीठ पर नाखून गाड़े हुए थीं और कराह रही थीं, “हाँ… भर दो… अच्छे से भर दो baby…”
जब मेरा सारा वीर्य निकल गया तो मैं उनके ऊपर ही ढेर हो गया। दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। condom उनके अंदर भरा हुआ था और थोड़ा बाहर भी निकल रहा था।
प्रिया मामी ने मेरे बालों में हाथ फेरते हुए थकी हुई लेकिन संतुष्ट आवाज में कहा,
“राज… ये पहला राउंड ही कमाल का था… 7 दिन अभी बाकी हैं।”
पहला राउंड खत्म होने के बाद हम दोनों हाँफते हुए एक-दूसरे से चिपके पड़े थे। प्रिया मामी की चूत अभी भी मेरे लंड को हल्के-हल्के निचोड़ रही थी। मैंने condom उतारा, जिसमें मेरा गाढ़ा वीर्य भरा हुआ था।
प्रिया मामी ने सेक्सी नजरों से मुझे देखा और बोलीं, “राज… अभी थोड़ा आराम कर लो… लेकिन ज्यादा नहीं। मैं अभी और लेना चाहती हूँ।”
लगभग 5-6 मिनट बाद मामी ने खुद को घुमाया और चारों पैरों के बल हो गईं — Doggy Style में। उनकी गोल-मोटी, चिकनी गांड मेरे सामने ऊपर उठी हुई थी। Waxing वाली चूत नीचे से पूरी तरह खुली हुई दिख रही थी, अभी भी लाल और गीली।
“इस बार पीछे से… जोर से चोदो मुझे,” उन्होंने गांड हिलाते हुए कहा।
मैंने तुरंत नया Dotted condom लगाया, lubricant लगाया और उनके पीछे घुटनों के बल बैठ गया। लंड की नोक उनकी चूत पर रखी और एक झटके में आधा लंड अंदर कर दिया।
“आह्ह्ह्ह!!! हाँ… गहरा… और गहरा!!!”
मैंने उनकी कमर पकड़ी और पूरा 9 इंच एक ही जोरदार झटके में अंदर ठेल दिया।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई!!! बहुत गहरा चला गया… आह्ह्ह्ह!!! मार डाला राज!!!”
प्रिया मामी जोर से चीख पड़ीं। लेकिन इस बार दर्द कम और मजा ज्यादा था। मैंने उनकी कमर को कसकर पकड़ लिया और तेज-तेज झटके मारने शुरू कर दिए।
धप्प्… धप्प्… धप्प्… धप्प्…
हर झटके पर उनकी गोल गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। उनके बड़े स्तन नीचे लटककर जोर-जोर से झूल रहे थे।
“हाँ baby… इसी तरह… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्ह्ह!!! बहुत मजा आ रहा है… और तेज… और तेज चोदो!!!”
मैं रफ्तार बढ़ाता गया। अब मैं पूरी ताकत से उनकी गांड पकड़कर जोर-जोर से चोद रहा था। हर झटके में पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से एकदम गहरे तक घुसा देता। dotted condom की वजह से उनके अंदर का sensation और भी तीखा हो गया था।
प्रिया मामी अब पूरी तरह पागल हो चुकी थीं। वे अपनी गांड पीछे करके मेरे हर झटके का स्वागत कर रही थीं और लगातार चीख रही थीं —
“आह्ह्ह्ह!!! हाँ… हाँ… इसी तरह… मेरी चूत फाड़ दो… राज तुम बहुत जोर से चोद रहे हो… आह्ह्ह्ह!!! मैं फिर आने वाली हूँ… मत रुकना… और तेज… baby और तेज!!!”
मैंने उनकी कमर को एक हाथ से पकड़कर दूसरे हाथ से उनके बाल खींचे और और भी तेज झटके देने लगा। कमरा उनकी चीखों और चुदाई की “धप्प् धप्प्” आवाजों से गूँज रहा था।
कुछ ही मिनट बाद प्रिया मामी का शरीर फिर से तन गया।
“राज… आ गया… आ गया… मैं झड़ रही हूँ… आह्ह्ह्ह्ह्ह!!! हाँ… हाँ… बहुत जोर से… आह्ह्ह्ह्ह!!!”
उनकी चूत मेरे लंड को जोर-जोर से निचोड़ने लगी। वे काँपती हुई दूसरी बार झड़ गईं। उनके शरीर में झुर्रियाँ पड़ गईं, आँखें उलटी हो गईं और मुंह से लार निकलने लगी।
मैंने उनके ऑर्गेज्म के दौरान भी झटके जारी रखे। उनकी चूत की निचोड़ने वाली गर्मी मेरे लंड को और उत्तेजित कर रही थी।
“मामी… मैं भी आने वाला हूँ…”
प्रिया मामी हाँफते हुए बोलीं, “हाँ baby… मुझे भर दो… अपना पूरा पानी निकाल दो… आह्ह्ह्ह!!! तेज… तेज!!!”
मैंने आखिरी 20-25 सेकंड और तेजी से चोदा। आखिर में मेरे अंडकोष सिकुड़े और मेरा लंड फट पड़ा। गर्म वीर्य की मोटी धारें condom के अंदर जोर-जोर से छूटने लगीं। मैंने पूरा लंड गहराई तक दबाकर कई बार झटके दिए और सारा पानी भर दिया।
प्रिया मामी भी मेरे साथ ही थरथरा रही थीं।
दोनों का दूसरा ऑर्गेज्म एक साथ हुआ।
हम दोनों थककर बेड पर लेट गए। प्रिया मामी मेरी छाती पर सिर रखकर हाँफ रही थीं। उनके शरीर पर पसीना चमक रहा था। चूत लाल और सूजी हुई थी, लेकिन चेहरे पर पूरी संतुष्टि थी।
वे मेरे कान में फुसफुसाईं, “राज… ये दूसरा राउंड कमाल का था… तुम मुझे अच्छे से चोद रहे हो… 7 दिन अभी बाकी हैं।”
दोनों के दूसरे राउंड के बाद कमरा पसीने, चुदाई की खुशबू और साँसों से भरा हुआ था। प्रिया मामी मेरी छाती पर लेटी हुई थीं, उनके स्तन मेरे शरीर से दब रहे थे।
थोड़ी देर आराम करने के बाद मामी ने उठकर कहा, “राज, भूख लग रही है। कुछ खाते हैं।”
हम दोनों ने Zomato से डिनर ऑर्डर किया — चिकन बटर मसाला, नान, रायता और चावल। ऑर्डर करते समय प्रिया मामी ने मुस्कुराते हुए extra चीज भी ऐड की — Men Power Tablet 100mg (Sildenafil)। Zomato वाले को उन्होंने अलग से बोला, “दवाई भी रख देना प्लीज।”
ऑर्डर करने के बाद हम दोनों बेड पर लेट गए। मामी मेरी बाहों में आकर लेट गईं। उनके नंगे स्तन मेरी छाती से सटे हुए थे।
मैंने उनके बालों में उँगलियाँ फेरते हुए पूछा, “मामी… आपकी गांड कभी मारी गई है?”
प्रिया मामी थोड़ी देर चुप रहीं, फिर शर्माते हुए मेरी छाती पर उंगली फेरते हुए बोलीं,
“हाँ… मारी गई है। और वो भी बहुत बुरी तरह।”
वे कुछ पल याद करते हुए बोलीं,
“शादी के 4-5 महीने बाद हम गोवा घूमने गए थे। वहाँ होटल में 3 दिन रहना था। दूसरे दिन मुझे periods आ गए। मैंने मना किया, लेकिन तुम्हारे मामा ने नहीं माना। उन्होंने कहा कि ‘Periods में गांड मारी जाती है, चूत नहीं’।”
मामी ने गहरी साँस ली और आगे बताया,
“उस रात उन्होंने मुझे डॉगी स्टाइल में किया। पहले तो lubricant लगाया, लेकिन फिर उनका धैर्य खत्म हो गया। उन्होंने जोर-जोर से मेरी गांड में डाल दिया। मेरा गांड का छेद बहुत टाइट था। मैं चीख पड़ी — ‘आह्ह्ह!!! अमित प्लीज निकालो… बहुत दर्द हो रहा है… फट रही है!!!’
लेकिन वे नहीं रुके। उन्होंने मेरी कमर पकड़कर 3 दिन तक लगातार मेरी गांड मारी। सुबह-शाम, कभी-कभी रात को भी। हर बार 20-25 मिनट तक जोर-जोर से। मैं रोती रहती थी, चीखती रहती थी, लेकिन वे रुकते नहीं थे।”
प्रिया मामी की आवाज थोड़ी काँपने लगी,
“तीसरे दिन मेरी गांड बुरी तरह सूज गई थी। बैठने में भी दर्द हो रहा था। चलने में बहुत तकलीफ हो रही थी। होटल से वापस आने के बाद मैं 10 दिन तक ठीक से चल नहीं पाई थी। Mummy जब आईं तो उन्होंने मेरी हालत देखी और बहुत डाँटा तुम्हारे मामा को। Mummy ने ही दवा और मलहम लगाकर मेरी गांड को ठीक किया था।”
वे मेरी छाती पर सिर रखकर बोलीं,
“उसके बाद से मैं गांड में बहुत डरती हूँ… लेकिन कभी-कभी मन भी करता है… अगर प्यार से और धीरे-धीरे किया जाए तो।”
मैंने उनकी पीठ सहलाते हुए कहा, “मामी… अगर आप चाहो तो मैं बहुत प्यार से कर सकता हूँ।”
प्रिया मामी ने शर्माकर मेरी छाती में मुँह छिपा लिया और धीरे से बोलीं, “देखते हैं… 7 दिन अभी बाकी हैं।”
तभी doorbell बजी। Zomato डिलीवरी बॉय आ गया था।
मामी ने जल्दी से नाइट सूट पहन लिया और मैंने शॉर्ट्स। हमने डिनर लिया, साथ में Men Power Tablet भी।
डिनर आ गया था। दोनों ने साथ में खाना शुरू किया। प्रिया मामी बहुत प्यार से खिला रही थीं। बीच-बीच में वे मेरे प्लेट में चिकन, रोटी डाल रही थीं।
जब मैं थोड़ा ध्यान नहीं दे रहा था, तब उन्होंने Men Power Tablet 100mg को तोड़कर मेरे खाने में मिला दिया और अच्छे से मिला दिया। मैंने कुछ नहीं noticed किया।
हम दोनों ने खाना खत्म किया। मामी ने मुझे मीठा मुस्कुराते हुए पानी पिलाया और बोलीं, “अब आराम से बैठो।”
लगभग 20-25 मिनट बाद मेरे शरीर में कुछ अजीब होने लगा।
पहले तो शरीर में गर्मी महसूस होने लगी। चेहरा गर्म हो गया। फिर मेरे लंड में अचानक खून का जोरदार रश आया। वह पत्थर की तरह सख्त और लोहे जैसा तन गया। नसें उभर आईं, सिरा फूल गया। शॉर्ट्स के अंदर इतना दबाव हो रहा था कि लग रहा था फट जाएगा।
मेरा पूरा शरीर गर्मी से तप रहा था। साँसें तेज हो गईं। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। आँखों के सामने हल्का चक्कर सा आ रहा था, लेकिन नीचे की तरफ भयंकर भूख जाग गई थी।
प्रिया मामी मेरे चेहरे को देखकर मुस्कुराईं। वे जानती थीं कि टैबलेट का असर शुरू हो गया है।
मैं एकदम से उठा और उन पर टूट पड़ा।
“मामी… अब नहीं रुक सकता…”
मैंने उन्हें जोर से बिस्तर पर धकेल दिया। उनकी नाइट सूट को एक झटके में ऊपर कर दिया और पैंटी को खींचकर फाड़ दिया। प्रिया मामी चौंक गईं, लेकिन उनकी आँखों में उत्तेजना थी।
मैंने तुरंत नया dotted condom लगाया, lubricant लगाया और उनके पैर फैलाकर missionary पोजीशन में चढ़ गया।
एक ही जोरदार झटका!
“आआआआह्ह्ह्ह्ह!!! राज!!! धीरे!!! आह्ह्ह्ह!!! पूरा घुस गया!!!”
9 इंच का पूरा मोटा लंड एक ही झटके में उनकी चूत के अंदर चला गया। प्रिया मामी जोर से चीख पड़ीं। उनकी टाँगें काँपने लगीं।
लेकिन मैं रुका नहीं। टैबलेट का जोरदार असर था। मैं पागलों की तरह जोर-जोर से चोदने लगा।
धप्प्… धप्प्… धप्प्… धप्प्…
बहुत तेज, बहुत गहरे और बहुत जोरदार झटके। हर झटके पर पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से एकदम गहरे तक ठेल देता।
“आह्ह्ह्ह!!! राज!!! बहुत तेज है!!! आह्ह्ह्ह!!! फाड़ दोगे मुझे!!! हाँ… हाँ… और तेज… baby और तेज!!!”
प्रिया मामी चीख रही थीं, लेकिन उनकी गांड ऊपर उठ-उठकर मेरे झटकों का जवाब दे रही थी। उनके बड़े स्तन जोर-जोर से उछल रहे थे। मैंने एक स्तन मुंह में ले लिया और जोर से चूसते हुए चोदता रहा।
मैंने उनकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और और भी गहराई से चोदने लगा। अब हर झटका उनकी चूत के सबसे अंदर तक जा रहा था।
“आह्ह्ह्ह!!! हाँ… इसी तरह… फाड़ दो… 10 दिन का इंतजार पूरा कर दो… आह्ह्ह्ह!!! राज तुम आज बहुत जोर से चोद रहे हो… मुझे बहुत मजा आ रहा है!!!”
मैं पागलों की तरह 15-20 मिनट तक लगातार उन्हें चोदता रहा। टैबलेट की वजह से मेरी स्टैमिना बहुत बढ़ गई थी। प्रिया मामी दो बार झड़ चुकी थीं, लेकिन मैं अभी भी नहीं रुका था।
आखिर में मेरी भी हद आ गई।
“मामी… आ रहा है… बहुत तेज!!!”
“हाँ baby… भर दो मुझे… पूरा निकाल दो… आह्ह्ह्ह!!!”
मैंने आखिरी जोरदार झटके मारे और condom के अंदर गर्म वीर्य की मोटी धारें छोड़ने लगा। इतना ज्यादा निकला कि condom फटने की कगार पर था।
प्रिया मामी भी मेरे साथ ही तीसरी बार झड़ गईं। उनका पूरा शरीर झड़झड़ा रहा था।
दोनों थककर बिस्तर पर लेट गए। प्रिया मामी मेरी छाती पर सिर रखकर हाँफ रही थीं। उनकी चूत बुरी तरह सूजी हुई थी और अभी भी काँप रही थी।
वे थकी हुई आवाज में बोलीं, “राज… आज तुमने मुझे पूरी तरह थका दिया… लेकिन बहुत मजा आया। टैबलेट का असर जबरदस्त था…”
रात के 11 बज चुके थे। टैबलेट का असर अब पूरी तरह चरम पर था। मेरा लंड बार-बार सख्त हो रहा था। प्रिया मामी को भी पता था कि आज रात आसानी से नहीं छूटने वाली।
पहला राउंड (Missionary → Doggy)
मैंने उन्हें फिर से missionary में लिटाया और जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। 10-12 मिनट तक तेज झटके मारने के बाद मैंने उन्हें doggy में घुमा दिया। उनकी गांड ऊपर थी, मैंने कमर पकड़कर पूरी ताकत से चोदा।
“आह्ह्ह्ह!!! राज… बहुत तेज है… आह्ह्ह्ह!!! फाड़ दोगे मुझे!!!”
लगभग 18 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था। मैंने लंड निकाला, condom उतारा और प्रिया मामी के मुँह के सामने रख दिया।
“पी लो Wife…”
वे शर्मा रही थीं, लेकिन मैंने उनके बाल पकड़कर लंड उनके मुँह में डाल दिया। गर्म-गर्म वीर्य की मोटी धारें उनके मुंह में छूटने लगीं। उन्होंने आँखें बंद करके पूरा वीर्य निगल लिया। कुछ बूँदें उनके होंठों और ठोड़ी पर गिर गईं, जिन्हें उन्होंने अपनी उंगली से चाट लिया।
दूसरा राउंड (Cowgirl)
थोड़ी देर आराम के बाद मामी खुद मेरे ऊपर चढ़ गईं। उन्होंने नया condom लगाया और मेरे लंड पर बैठ गईं। वे ऊपर-नीचे उछल-उछलकर चुदाई कर रही थीं। उनके बड़े स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे। मैं नीचे से उनके स्तनों को मसल रहा था।
इस राउंड में वे दो बार झड़ गईं। आखिर में जब मैं झड़ा तो मैंने condom उतारा और उनका पूरा वीर्य उनके दोनों स्तनों पर उड़ेल दिया। सफेद मोटा वीर्य उनके गुलाबी निप्पल्स और भरे हुए स्तनों पर फैल गया। मामी ने खुद अपने स्तनों को दबाकर वीर्य को मला और मुस्कुराईं।
तीसरा राउंड (Deep Missionary)
रात के 2:30 बज चुके थे। टैबलेट का असर अभी भी था। मैंने उन्हें missionary में लिटाया, उनकी टाँगें कंधों पर रखीं और बहुत गहराई से चोदने लगा।
इस बार मैं बहुत wild हो गया था। जोर-जोर से झटके मार रहा था। प्रिया मामी चीख रही थीं — “आह्ह्ह!!! धीरे… राज… बहुत गहरा जा रहा है… आह्ह्ह!!! फट जाएगी!!!”
लेकिन मैं रुका नहीं। लगभग 15 मिनट तेज चुदाई के बाद अचानक —
फट्!
Condom फट गया। मेरा पूरा गर्म वीर्य बिना रुके उनकी चूत के अंदर छूटने लगा।
“आआआह्ह्ह्ह्ह!!! राज!!! condom फट गया… निकालो… आह्ह्ह्ह!!! अंदर जा रहा है… बहुत गर्म है!!!”
प्रिया मामी घबरा गईं और रोने लगीं। उनके आँखों से आँसू बहने लगे। “राज… क्या कर दिया… सब अंदर चला गया… मैं प्रेग्नेंट हो गई तो…”
वे रो रही थीं, लेकिन उनका शरीर अभी भी मेरे नीचे काँप रहा था। मैंने आखिरी झटके देकर पूरा वीर्य उनकी चूत में भर दिया।
जब मैं निकला तो उनकी चूत से सफेद वीर्य की मोटी धार बाहर निकल रही थी। मामी रोते हुए उठीं और बाथरूम गईं। उन्होंने अपनी चूत को अच्छे से साफ किया।
वापस आकर वे बेड पर लेट गईं और रोते हुए बोलीं, “कल सुबह पहले टैबलेट लाना… emergency pill…”
मैंने उन्हें गले लगाया और बोला, “ठीक है मामी… कल सुबह ले आएंगे। अब सो जाओ।”
प्रिया मामी मेरी बाहों में आकर लेट गईं। उनका पूरा शरीर थका हुआ था, चूत सूजी हुई थी, लेकिन चेहरे पर एक अजीब सी संतुष्टि भी थी।
दोनों थककर गहरी नींद में सो गए।
सुबह के 8 बजे थे। सूरज की हल्की रोशनी कमरे में आ रही थी। प्रिया मामी मेरी छाती पर सिर रखकर सो रही थीं। मैं जाग गया तो मेरा लंड फिर से सख्त हो चुका था।
मैंने मामी को हल्का हिलाया। वे आँखें खोलकर मुस्कुराईं और नीचे देखा। फिर बिना कुछ कहे वे नीचे सरक गईं और मेरे शॉर्ट्स उतार दिए।
प्रिया मामी ने मेरे 9 इंच के लंड को हाथ में पकड़ा, ऊपर-नीचे सहलाया और फिर मुंह में ले लिया। सुबह की पहली सुहागरात जैसी चूसाई शुरू हो गई। वे धीरे-धीरे, गहरी चूस रही थीं, कभी जीभ से पूरा चाट रही थीं, कभी गले तक ले जा रही थीं।
“मम्म्म… राज… सुबह का लंड बहुत स्वादिष्ट होता है…” कहते हुए वे 10 मिनट तक लगातार चूसती रहीं।
फिर मैंने उन्हें missionary पोजीशन में लिटाया और एक राउंड जोरदार चोदा। इस बार 12-13 मिनट तक चला। मामी चीखती रहीं, “हाँ राज… और तेज… सुबह-सुबह अच्छा लग रहा है…”
राउंड खत्म होने के बाद हम दोनों थक गए।
मामी ने कहा, “Zomato से ब्रेकफास्ट मँगवा लो और emergency pill भी।”
मैंने ऑर्डर किया। ब्रेकफास्ट और दवा दोनों आ गए। मामी ने चुपचाप emergency pill खा ली और पानी पी लिया।
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दूसरा राउंड — गांड चुदाई (जबरदस्ती)
थोड़ी देर बाद मैंने मामी को प्यार से गले लगाया और बोला, “मामी, अब एक बार गांड में ट्राई करें? बहुत प्यार से करूँगा, दर्द नहीं होगा।”
प्रिया मामी ने तुरंत मना कर दिया, “नहीं राज… गांड में बहुत दर्द होता है… मैं नहीं कर सकती।”
लेकिन मैंने जिद की। मैंने उन्हें प्यार से मनाया, “बस एक बार… अगर दर्द हो तो तुरंत निकाल लूँगा। प्लीज… मैं बहुत चाहता हूँ।”
आखिरकार वे मान गईं, लेकिन बहुत डरी हुई थीं।
मैंने उन्हें doggy style में कर दिया। उनकी गोल-मोटी गांड ऊपर थी। मैंने lubricant खूब लगाया, अपनी उँगलियाँ अंदर डालीं, लेकिन फिर मैंने झूठ बोल दिया —
“मामी, मैं सिर्फ आधा ही डालूँगा… पूरा नहीं डालूँगा, वादा है।”
मामी ने हामी भर दी।
जैसे ही उन्होंने relax किया, मैंने अपना पूरा 9 इंच का लंड उनकी गांड पर रखा और एक ही जोरदार झटके में पूरा का पूरा अंदर ठेल दिया।
“आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!!! राज!!! निकालो!!! मार डाला!!! आह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई मेरी गांड!!! बहुत दर्द हो रहा है!!! आआह्ह्ह्ह्ह!!!”
प्रिया मामी की एक भयानक चीख निकली। उनका पूरा शरीर ऐंठ गया। वे जोर-जोर से रोने लगीं, सिर इधर-उधर हिला रही थीं, हाथों से बिस्तर पकड़कर खींच रही थीं।
“प्लीज निकालो राज… मैं सह नहीं पा रही… बहुत जलन हो रही है… आह्ह्ह्ह!!! फट गई… मर जाऊँगी!!! रो रही हूँ… प्लीज… आह्ह्ह्ह!!!”
उनकी आँखों से आँसू की धार बह रही थी। लेकिन मैंने उनकी कमर को लोहे की तरह पकड़ रखा था और पूरा 9 इंच अंदर-बाहर करने लगा।
धप्प्… धप्प्… धप्प्…
“आआह्ह्ह्ह!!! बस करो… बहुत दर्द हो रहा है… राज प्लीज… मैं रो रही हूँ… आह्ह्ह्ह!!! निकाल दो… मैं मर जाऊँगी!!!”
वे लगातार रो रही थीं, चीख रही थीं, लेकिन मैं नहीं रुका। टैबलेट का असर और मेरी भूख दोनों बहुत ज्यादा थे। मैं उनकी गांड को जोर-जोर से चोदता रहा। हर झटके पर उनकी गांड का टाइट छेद बुरी तरह फैल रहा था।
5-6 मिनट बाद उनकी चीखें थोड़ी कम हुईं, लेकिन वे अभी भी रो रही थीं। फिर धीरे-धीरे दर्द के साथ-साथ उन्हें भी कुछ मजा आने लगा।
मैंने उनकी कमर पकड़कर और तेज चोदा। आखिर में मैंने पूरा लंड अंदर दबाकर जोर से झड़ दिया — बिना condom के, सीधे उनकी गांड के अंदर।
जब मैं निकाला तो उनकी गांड से मेरा गर्म वीर्य बाहर निकल रहा था। गांड का छेद लाल और सूजा हुआ था।
प्रिया मामी बिस्तर पर पड़ी हुई रो रही थीं। उनका पूरा शरीर काँप रहा था। वे फफक-फफककर रो रही थीं।
मैंने उन्हें गले लगाया, लेकिन वे मेरी छाती पर मुंह छिपाकर रोती रहीं।
7 दिन बीत गए।
इन 7 दिनों में राज ने प्रिया मामी को बार-बार, जबरदस्ती और बिना रुके चोदा। सुबह, दोपहर, शाम और आधी रात को भी। टैबलेट की मदद से राज का लंड बार-बार सख्त हो जाता और वह घंटों तक चोदता रहता।
मामी की गांड इतनी बार मारी गई कि वह सूजकर मोटी और भारी हो गई। बैठने में भी उन्हें दर्द होता। उनकी चूत भी लगातार चुदाई से लाल और सूजी रहती। स्तन भी बार-बार जोरदार मसलने और चूसने से और भरे-भरे, बड़े और संवेदनशील हो गए थे। निप्पल हमेशा सख्त रहते।
राज ने उन्हें हर पोजीशन में चोदा — missionary, doggy, cowgirl, standing, 69, और कई बार तो एक ही रात में 3-4 राउंड। कभी-कभी मामी रोतीं, मना करतीं, लेकिन राज नहीं रुकता। आखिरकार वे भी मजा लेने लगीं।
7वें दिन शाम को अमित मामा वापस आए।
राज ने दरवाजा खोला। अमित मामा ने मुस्कुराते हुए पूछा,
“क्या राज, अपनी मामी का अच्छे से ध्यान रखा था ना इन 7 दिनों में?”
राज ने शर्माते हुए सिर हिलाया।
तभी प्रिया मामी अंदर से आईं। उनका चेहरा थोड़ा थका हुआ था, लेकिन शरीर में एक नई चमक थी। स्तन और भी भरे हुए लग रहे थे, कमर के नीचे का हिस्सा थोड़ा भारी हो गया था।
अमित मामा ने पूछा, “प्रिया, राज ने तुम्हारा ध्यान रखा था ना?”
प्रिया मामी राज की तरफ देखकर मुस्कुराईं और धीरे से बोलीं,
“बहुत… बहुत अच्छे से रखा था जी।”
अमित मामा खुश हो गए और बोले, “बहुत अच्छा। अब मैं आ गया हूँ। आज रात हम अपनी pending anniversary मनाएंगे। प्रिया, तैयार रहना। आज मैं तुम्हें अच्छे से चोदूँगा।”
रात को अमित मामा ने प्रिया मामी को जोरदार चोदा। मामी चीखीं, कराहीं, लेकिन पूरी रात मामा के साथ रहीं।
सुबह होते ही राज को विदा कर दिया गया।
प्रिया मामी दरवाजे तक आईं और राज के कान में फुसफुसाईं,
“7 दिन बहुत याद रहेंगे… जाकर भी कभी-कभी याद कर लिया करो।”
राज मुस्कुराते हुए चला गया।
कहानी समाप्त।